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Chandigarh News: गुजरात के बाद हरियाणा बनेगा ग्रीन एनर्जी का बड़ा केंद्र

Sat, 13 May 2023 05:36 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 May 2023 05:36 PM IST
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Haryana will become a big center of green energy after Gujarat
-विद्युत नियामक आयोग ने अधिसूचना जारी कर बताए नियम
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-कनेक्शन हासिल करने के लिए आसान की जाएगी प्रक्रिया

-100 किलोवाट के लिए 30 दिन के अंदर मिलेगी अनुमति

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। गुजरात के बाद हरियाणा ग्रीन एनर्जी का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी कर रहा है। लिहाजा जिन उपभोक्ताओं का अधिकृत लोड कम से कम 100 किलोवाट है, वे सभी नए ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस रेगुलेशंस, 2023 के लिए पात्र होंगे। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने केंद्र सरकार के ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस नियमों के मुताबिक नियम तय कर दिए हैं।

हरियाणा में वर्तमान में सभी स्रोतों से 3686 मेगावाट ग्रीन एनर्जी मिल रही है, जिसमें से 100 मेेगावाट न्यूक्लियर से, 2324 मेगावाट हाइड्रो से और 1362 मेगावाट सौर ऊर्जा संचालित बिजली है। जबकि 8638 मेगावाट कोयले से बनने वाली और 581 मेगावाट गैस से बनने वाली बिजली से हरियाणा काम चला रहा है।
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अब औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 किलोवाट तक के प्लांट लगाने के लिए ओपन एक्सेस का प्रावधान किया है। उपभोक्ता जो बिजली बनाएंगे यह नेशनल ग्रिड में जाएगी फिर वहां से वे यह बिजली ले सकेंगे। इसके लिए ट्रांसमिशन चार्ज, विलिंग चार्ज, ग्रास सब्सिडी सरचार्ज, बैंकिंग चार्ज और आवेदन की फीस देनी होगी। ग्रीन एनर्जी के ओपन एक्सेस कनेक्शन के लिए राज्य की नोडल एजेंसी के पास 30 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। किसी भी इंडस्ट्री को यह छूट दी गई है कि वह चाहे तो शार्ट टर्म (अल्प समय), मिड टर्म (मध्य समय) और लॉन्ग टर्म (अधिक समय) के लिए ग्रीन एनर्जी का कनेक्शन हासिल कर सकता है।
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रेगुलेशंस में बताए शुल्क ही चुकाने होंगे
22 मार्च को इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया था। इस दौरान सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कहा गया था। जिसके बाद नियमों में कुछ बदलाव भी किए गए। कई उपभोक्ताओं ने ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस के तहत विश्वसनीयता शुल्क को लेकर आपत्ति जताई थी। इस आयोग की ओर से साफतौर से कहा गया है कि किसी भी उपभोक्ता के ऊपर यह शुल्क नहीं लगाया जाएगा। उपभोक्ता को केवल वही शुल्क देने होंगे जो रेगुलेशंस में बताए गए हैं।

हर साल मिलेगा ग्रीन सर्टिफिकेट
ग्रीन एनर्जी की सप्लाई के बदले डिस्ट्रिब्यूशन लाइसेंसी को हर साल उपभोक्ताओं को ग्रीन सर्टिफिकेट भी देना होगा। हालांकि यह सर्टिफिकेट तभी दिया जाएगा, जब उपभोक्ता द्वारा इसकी डिमांड की जाएगी। इनमें ट्रांसमिशन चार्ज, व्हीलिंग चार्ज, क्रॉस सब्सिडी चार्ज, स्टैंड बाय चार्जिस, बैंकिंग चार्ज और एप्लिकेशन फीस शामिल हैं।
दो उपभोक्ता मिलकर भी ले सकते हैं कनेक्शन
अगर किसी इंडस्ट्री का अधिकृत लोड 100 किलोवाट से कम है तो वह ग्रुप बनाकर भी ग्रीन एनर्जी के लिए अप्लाई कर सकता है। इस ग्रुप में डिस्ट्रिब्यूशन लाइसेंंसी के दो या इससे अधिक उपभोक्ता भी शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि इससे पहले ग्रुप को अपने ढांचे की पूरी जानकारी देनी होगी। प्रत्येक उपभोक्ता के बिजली के शेड्यूल के बारे में भी नोडल एजेंसी को पहले ही बताना होगा।


बिल बकाया है तो नहीं मिलेगी अप्रूवल
आयोग की ओर से तैयार किए गए नियमों में साफतौर से बताया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली के बिल दो महीने से अधिक समय से बकाया हैं, उन्हें ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस के लिए अप्रूवल नहीं दी जाएगी।

------------हम ग्रीन एनर्जी की तरफ अग्रसर हैं। अभी गुजरात इसमें आगे है। हरियाणा का प्रयास है कि अधिक से अधिक उद्योग ग्रीन एनर्जी का प्रयोग करें।

-रणजीत सिंह चौटाला, बिजली मंत्री।
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