Haryana Weather Update: मानसून का योग ठीक, हरियाणा में 30 जून या एक जुलाई को दे सकता है दस्तक
हरियाणा के कई जिलों में बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ और बिपरजॉय के असर से बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के उत्तरी व दक्षिणी हिस्से पर इसका प्रभाव रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में दो मौसम प्रणाली अपना असर दिखा रही हैं।
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मानसून का योग अब ठीक बन रहा है। मानसून को आगे बढ़ाने वाले कारक सही दिशा में काम कर रहे हैं। अगले 48 घंटे में मानसून ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड व पूवी उत्तर प्रदेश को कवर कर लेगा। मानसून की गति यही बनी रही तो हरियाणा के कुछ हिस्सों में यह तय समय में प्रवेश कर जाएगा। हरियाणा में मानसून की तारीख 30 जून तय है। कई बार मानसून जुलाई के पहले हफ्ते में भी आया है। मौसम वेबसाइट स्काईमेट ने भी दावा किया है कि 30 जून के आसपास मानसून हरियाणा में दस्तक दे जाएगा।
हरियाणा में मानसून का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। प्रदेश में धान की बुवाई शुरू हो चुकी है। वहीं, गर्मी भी चरम पर है। नमी बढ़ने से तापमान का अहसास भी ज्यादा हो रहा है। ऐसे में लोगों को बारिश का इंतजार है, ताकि गर्मी व उमस से राहत मिल सके। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं चलना शुरू हो गई हैं, जो मानसून को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। फिलहाल आगे मानसून के सामने किसी तरह की बाधा नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून के पहले हरियाणा के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होगी। बारिश की गतिविधियां 25 जून से शुरू हो जाएंगी। यदि इन दिनों बारिश लगातार और अच्छी मात्रा में होती है तो इसे भी मानसून के आगमन का अच्छा संकेत माना जाएगा।
हरियाणा के इन इलाकों में हुई बारिश
प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ और बिपरजॉय के असर से बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के उत्तरी व दक्षिणी हिस्से पर इसका प्रभाव रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में दो मौसम प्रणाली अपना असर दिखा रही हैं। 18 जून को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुधवार को फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व महेंद्रगढ़ जिले में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
वहीं, चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय कमजोर श्रेणी के कम दबाव क्षेत्र में तब्दील होकर दक्षिणी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। इसके असर से महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, करनाल व यमुनानगर जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 36.3 से 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.0 से 28.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हिसार के कुछ हिस्सों में तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
22 जून तक हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के दक्षिणी व उत्तरी हिस्से पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक प्रभाव जारी रहने की संभावना है, जबकि प्रदेश के उत्तर पश्चिम हिस्सों फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व रोहतक को छोड़कर मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश में धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और आमजन को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
बिपरजॉय के अवशेष कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर गुरुवार रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचेंगे, तब बंगाल की खाड़ी से इसे प्रचुर मात्रा में नमी मिलने लगेगी और यह मौसम प्रणाली ताकतवर होकर फिर से मानसूनी हवाएं खींच कर मैदानी राज्यों की तरफ लाएगी, जिससे इन राज्यों में आमजन को भीषण गर्मी राहत मिलेगी। इसके असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 25 जून से 30 जून और जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी बारिश की गतिविधियों की प्रबल संभावना बन रही है।