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हरियाणा में कहां-कहां हो रहा खनन सैटेलाइट से रखी जाएगी नजर, वैध-अवैध का भी चलेगा पता
Fri, 22 Nov 2019 12:17 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 22 Nov 2019 12:17 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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हरियाणा में अब अवैध खनन पर सैटेलाइट से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (हरसक) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग हरियाणा की रिमोट सेंसिंग और जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम एप्लीकेशंस इसमें मददगार साबित होगा। इस नई तकनीक के जरिए हर महीने उन क्षेत्रों की सैटेलाइट इमेज जारी की जाएगी, जहां अवैध खनन चल रहा है।
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बताते चलें कि हरियाणा में शिवालिक बेल्ट यानी यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला क्षेत्र में रेत, बालू और इसी तरह भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में पत्थरों की काफी माइनिंग की जाती है। हालांकि खनन विभाग इसके लिए अधिकृत लाइसेंस भी जारी करता है, लेकिन उसके बावजूद हरियाणा में अवैध खनन का खेल भी बड़े स्तर पर चलता है।
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इसी अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार ने अब सैटेलाइट निगरानी के जरिए इस पर शिकंजा कसने का फैसला लिया है। खनन एवं जियोलॉजी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि सैटेलाइट के जरिए थ्री डी इमेज उपलब्ध होगी और इससे यह पता चल सकेगा की कहां-कहां खनन किया जा रहा है।
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उसके बाद विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक यह भी मालूम चल जाएगा कि खनन जिस जगह पर किया जा रहा है वह वैध है या अवैध। उनके अनुसार भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी क्षेत्र में इस तकनीक के जरिए अवैध खनन पता लगाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उसके बाद पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से हर महीने सैटेलाइट इमेज विभाग को मिलती रहेगी। इससे यह भी मालूम चल जाएगा कि संबंधित क्षेत्र में कितना खनन हो चुका है।