{"_id":"63c10d784208202a3d12e0ed","slug":"haryana-staff-selection-commission-which-provides-staff-to-all-departments-has-shortage-of-employees-2023-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: पूरे प्रदेश को स्टाफ देने वाले HSSC में कर्मियों का टोटा, स्वीकृत पदों में से 42.40 फीसदी पद रिक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: पूरे प्रदेश को स्टाफ देने वाले HSSC में कर्मियों का टोटा, स्वीकृत पदों में से 42.40 फीसदी पद रिक्त
Fri, 13 Jan 2023 01:21 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 13 Jan 2023 01:21 PM IST
सार
आयोग में स्टाफ की कमी का असर भर्तियों पर पड़ता है। कर्मचारियों की संख्या कम होने के चलते अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में समय लगता है। इसी प्रकार, परीक्षाओं का परिणाम जारी करने में भी देरी होती है। सबसे बड़ी दिक्कत अभ्यर्थियों को होती है, क्योंकि उनकी शिकायतें सुनने समेत उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए कोई स्टाफ नहीं होता है।
विज्ञापन
HSSC
विस्तार
सभी विभागों को स्टाफ देने वाले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ही कर्मचारियों का टोटा है। आलम ये है कि आयोग में स्वीकृत कुल पदों में से 42.40 फीसदी पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए आयोग की ओर से कई बार हरियाणा सरकार से भी अपील की जा चुकी है, बावजूद इसके पदों को नहीं भरा जा रहा है। स्टाफ की कमी के चलते आयोग की भर्तियां लटकती हैं और परीक्षाओं के परिणाम जारी करने में भी देरी होती है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में 1 चेयरमैन और 6 सदस्यों सहित कुल 158 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 91 पद भरे हुए हैं और 67 पद रिक्त हैं। आयोग के दो सदस्यों के ही पद खाली चल रहे हैं। वहीं, आयोग में सुपरिंटेंडेंट, स्टेनोग्राफर, क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनो टाइपिस्ट के अहम पद खाली है। इन सभी स्टाफ का परिणाम तैयार करने से लेकर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में अहम रोल होता है। इनके अलावा, दफ्तर को सुचारू रूप से चलाने वाले कर्मचारियों जैसे चौकीदार, सफाई कर्मचारी, दफ्तरी और गाड़ी चालक आदि पदों को भी नहीं भरा गया है।
भर्तियों और परिणाम पर पड़ता है असर
आयोग में स्टाफ की कमी का असर भर्तियों पर पड़ता है। कर्मचारियों की संख्या कम होने के चलते अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में समय लगता है। इसी प्रकार, परीक्षाओं का परिणाम जारी करने में भी देरी होती है। सबसे बड़ी दिक्कत अभ्यर्थियों को होती है, क्योंकि उनकी शिकायतें सुनने समेत उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए कोई स्टाफ नहीं होता है। पंचकूला स्थित आयोग कार्यालय में पूरे प्रदेशभर से अभ्यर्थी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं। क्योंकि स्टाफ पर पहल से ही काम का ओवरलोड है, इसलिए फाइलें लंबित चलती रहती हैं। कोई भी बड़ी भर्ती के लिए दस्तावेजों की जांच करनी होती है तो मुख्य सचिव से अन्य विभागों के कर्मचारियों को मांगा जाता हैै।
विज्ञापन
इस साल 65 हजार भर्तियों का लक्ष्य
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इस साल 65 हजार कर्मचारियों की भर्तियों का लक्ष्य रखा है। सीईटी के आधार पर ग्रुप सी की 32 हजार, टीजीटी की 7500 और 6 हजार सिपाही की भर्ती करनी है। इसके बाद ग्रुप डी के 22 हजार पदों को भरा जाना है। लेकिन स्टाफ के टोटे को देखते हुए आयोग के लिए यह लक्ष्य बड़ा है। इसके अलावा, पहले से ही आयोग में आईटीआई अनुदेशकों की कई श्रेणियों का परिणाम अटका हुआ है।
ये पद चल रहे हैं खाली
पदनाम स्वीकृत पद तैनात खाली
सदस्य 6 4 2
चपरासी 21 5 16
क्लर्क 21 11 10
ड्राइवर 9 1 8
सहायक 48 42 6
सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर 6 0 6
स्टेनो टाइपिस्ट 5 0 5
सुपरिंटेंडेंट 14 12 2
गेसटेनर ऑपरेटर 2 0 2
निजी सहायक 3 2 1
जूनियर स्केल स्टेनेग्राफर 1 0 1
डाटा एंट्री ऑपरेटर 1 0 1
रिस्टोरर 1 0 1
चौकीदार 2 0 2
स्वीपर 2 0 2
जमादार 1 0 1
दफ्तरी 1 0 1
खाली पदों को भरने के लिए हरियाणा सरकार को लिखा गया है। संभावना है कि जल्द ही इन पदों को सरकार भरेगी। जब भी अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच और स्क्रूटनी होती है तो मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्टाफ मांगा जाता है। -भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।
विज्ञापन
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में 1 चेयरमैन और 6 सदस्यों सहित कुल 158 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 91 पद भरे हुए हैं और 67 पद रिक्त हैं। आयोग के दो सदस्यों के ही पद खाली चल रहे हैं। वहीं, आयोग में सुपरिंटेंडेंट, स्टेनोग्राफर, क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनो टाइपिस्ट के अहम पद खाली है। इन सभी स्टाफ का परिणाम तैयार करने से लेकर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में अहम रोल होता है। इनके अलावा, दफ्तर को सुचारू रूप से चलाने वाले कर्मचारियों जैसे चौकीदार, सफाई कर्मचारी, दफ्तरी और गाड़ी चालक आदि पदों को भी नहीं भरा गया है।
विज्ञापन
भर्तियों और परिणाम पर पड़ता है असर
आयोग में स्टाफ की कमी का असर भर्तियों पर पड़ता है। कर्मचारियों की संख्या कम होने के चलते अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में समय लगता है। इसी प्रकार, परीक्षाओं का परिणाम जारी करने में भी देरी होती है। सबसे बड़ी दिक्कत अभ्यर्थियों को होती है, क्योंकि उनकी शिकायतें सुनने समेत उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए कोई स्टाफ नहीं होता है। पंचकूला स्थित आयोग कार्यालय में पूरे प्रदेशभर से अभ्यर्थी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं। क्योंकि स्टाफ पर पहल से ही काम का ओवरलोड है, इसलिए फाइलें लंबित चलती रहती हैं। कोई भी बड़ी भर्ती के लिए दस्तावेजों की जांच करनी होती है तो मुख्य सचिव से अन्य विभागों के कर्मचारियों को मांगा जाता हैै।
विज्ञापन
इस साल 65 हजार भर्तियों का लक्ष्य
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इस साल 65 हजार कर्मचारियों की भर्तियों का लक्ष्य रखा है। सीईटी के आधार पर ग्रुप सी की 32 हजार, टीजीटी की 7500 और 6 हजार सिपाही की भर्ती करनी है। इसके बाद ग्रुप डी के 22 हजार पदों को भरा जाना है। लेकिन स्टाफ के टोटे को देखते हुए आयोग के लिए यह लक्ष्य बड़ा है। इसके अलावा, पहले से ही आयोग में आईटीआई अनुदेशकों की कई श्रेणियों का परिणाम अटका हुआ है।
ये पद चल रहे हैं खाली
पदनाम स्वीकृत पद तैनात खाली
सदस्य 6 4 2
चपरासी 21 5 16
क्लर्क 21 11 10
ड्राइवर 9 1 8
सहायक 48 42 6
सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर 6 0 6
स्टेनो टाइपिस्ट 5 0 5
सुपरिंटेंडेंट 14 12 2
गेसटेनर ऑपरेटर 2 0 2
निजी सहायक 3 2 1
जूनियर स्केल स्टेनेग्राफर 1 0 1
डाटा एंट्री ऑपरेटर 1 0 1
रिस्टोरर 1 0 1
चौकीदार 2 0 2
स्वीपर 2 0 2
जमादार 1 0 1
दफ्तरी 1 0 1
खाली पदों को भरने के लिए हरियाणा सरकार को लिखा गया है। संभावना है कि जल्द ही इन पदों को सरकार भरेगी। जब भी अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच और स्क्रूटनी होती है तो मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्टाफ मांगा जाता है। -भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।