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अब खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन पर होगा मंथन, 20 खिलाड़ी और मेडल एक?
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
Updated Fri, 26 Aug 2016 05:21 PM IST
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रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफाई हुए हरियाणा के खिलाड़ी
- फोटो : फाइल फोटो
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इस बार रियो ओलंपिक में प्रदेश के बीस खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में अपना दमखम दिखाया, लेकिन साक्षी मलिक को छोड़कर बाकी ने निराश किया। उनका प्रदर्शन बहुत ही फिसड्डी रहा। इसी बात को लेकर हरियाणा खेल मंत्रालय के अफसर और खेल मंत्री अनिल विज थोड़े चिंतित हैं। हालांकि अफसरों और मंत्री का दावा है कि हरियाणा की खेल नीति देशभर में सबसे शानदार खेल है।
उल्लेखनीय है कि इस बार भी पिछली बार की तरह हरियाणा के खिलाड़ियों से ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन की बहुत ज्यादा उम्मीदें की जा रही थीं। खेल मंत्री विज के साथ-साथ खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रियो जाने वाले खिलाड़ियों का पूरा हौसला बढ़ाया और उन्हें मेडल जीतकर लाने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
पिछली बार लंदन 2012 ओलंपिक में भी देश की झोली में छह मेडल आए थे, उसमें से चार हरियाणा व सूबे की राजधानी चंडीगढ़ से जुड़े खिलाड़ियों के ही थे। इसलिए इस बार भी सरकार को बहुत उम्मीद थी कि रियो ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का ही सबसे ज्यादा दबदबा रहेगा।
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उल्लेखनीय है कि इस बार भी पिछली बार की तरह हरियाणा के खिलाड़ियों से ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन की बहुत ज्यादा उम्मीदें की जा रही थीं। खेल मंत्री विज के साथ-साथ खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रियो जाने वाले खिलाड़ियों का पूरा हौसला बढ़ाया और उन्हें मेडल जीतकर लाने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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पिछली बार लंदन 2012 ओलंपिक में भी देश की झोली में छह मेडल आए थे, उसमें से चार हरियाणा व सूबे की राजधानी चंडीगढ़ से जुड़े खिलाड़ियों के ही थे। इसलिए इस बार भी सरकार को बहुत उम्मीद थी कि रियो ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का ही सबसे ज्यादा दबदबा रहेगा।
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खेल मंत्री ने उठाया खिलाड़ियों के चयन पर सवाल
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल फोटो
खिलाड़ियों का चयन विभिन्न खेलों की एसोसिएशन, फेडनेशन और संघ के पदाधिकारी ही करते हैं। इसमें खेल मंत्रालय का सीधे हस्तक्षेप नहीं होता। खेल मंत्रालय सिर्फ खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाता है। लेकिन अब रियो में खराब प्रदर्शन के बाद खेल मंत्री अनिल विज कहते हैं कि खिलाड़ियों के चयन पर अब बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
खेल मंत्री का कहना है कि चयन में सिर्फ संघों, फेडरेशन और एसोसिएनस का ही दबदबा चलता है। अब ये तो उन्हें ही देखना है कि कौन सा खिलाड़ी सबसे बेहतर है और मेडल जीतने का दमखम रखता है। इसलिए अब जरूरत है कि चयन प्रक्रिया पर मंथन कर उसमें जो भी कमियां हैं, उसे दूर की जाए। दूसरा, खेल संघों में कोई राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए और न ही कमजोर खिलाड़ी के लिए किसी प्रकार की कोई सिफारिश की गुंजाइश होनी चाहिए।
विज के अनुसार हरियाणा खेल मंत्रालय रियो में जो भी खिलाड़ियों का जो भी प्रदर्शन रहा है, उस सभी की समीक्षा करेगा और देखेगा कि आखिरकार किस-किस प्वाइंट पर कमी रही? क्योंकि हरियाणा की खेल नीति देश की सबसे बेहतर खेल नीति है और अब ग्रास रूट लेवल से अच्छी खिलाड़ी उभरे, इसके लिए भी खेल नीति में बहुत ज्यादा बदलाव कर उसे तैयार किया गया है। ऐसे में इस बात की समीक्षा और मंथन बहुत जरूरी है कि आखिरकार हमारे खिलाड़ी किस वजह से रियो में पिछड़े?
खेल मंत्री का कहना है कि चयन में सिर्फ संघों, फेडरेशन और एसोसिएनस का ही दबदबा चलता है। अब ये तो उन्हें ही देखना है कि कौन सा खिलाड़ी सबसे बेहतर है और मेडल जीतने का दमखम रखता है। इसलिए अब जरूरत है कि चयन प्रक्रिया पर मंथन कर उसमें जो भी कमियां हैं, उसे दूर की जाए। दूसरा, खेल संघों में कोई राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए और न ही कमजोर खिलाड़ी के लिए किसी प्रकार की कोई सिफारिश की गुंजाइश होनी चाहिए।
विज के अनुसार हरियाणा खेल मंत्रालय रियो में जो भी खिलाड़ियों का जो भी प्रदर्शन रहा है, उस सभी की समीक्षा करेगा और देखेगा कि आखिरकार किस-किस प्वाइंट पर कमी रही? क्योंकि हरियाणा की खेल नीति देश की सबसे बेहतर खेल नीति है और अब ग्रास रूट लेवल से अच्छी खिलाड़ी उभरे, इसके लिए भी खेल नीति में बहुत ज्यादा बदलाव कर उसे तैयार किया गया है। ऐसे में इस बात की समीक्षा और मंथन बहुत जरूरी है कि आखिरकार हमारे खिलाड़ी किस वजह से रियो में पिछड़े?