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हरियाणा: खेल विभाग ने 900 ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की सूची सार्वजनिक, फर्जी मिला तो केस होगा दर्ज
Tue, 19 Apr 2022 01:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 19 Apr 2022 01:33 AM IST
सार
फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वालों को विड्रा करने का अंतिम मौका दिया गया है। वह विभाग के पास आकर खुद उसे वापस करा सकता है। अगर बाद में किसी खिलाड़ी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो उसके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
हरियाणा खेल विभाग ने 18 जिलों में बने करीब 900 ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की सूची अपनी वेबसाइट पर डालकर सार्वजनिक कर दी है। अब प्रदेश का कोई भी व्यक्ति एक सप्ताह तक इन सर्टिफिकेट पर अपनी आपत्ति जता सकता है। हालांकि, विभाग ने उन खिलाड़ियों को अंतिम मौका दिया है, जिन्होंने गलत प्रमाण पत्र बनवाया है। वह विभाग के पास आकर खुद उसे वापस करा सकता है। अगर बाद में किसी खिलाड़ी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो न केवल उसका प्रमाण पत्र रद्द होगा, बल्कि उसके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने यह फैसला लिया है। खेल विभाग ने नई खेल ग्रेडेशन नीति के तहत ग्रेडेशन सर्टिफिकेट (श्रेणी प्रमाण-पत्र) को विभाग की वेबसाइट पर 18 जिलों के सर्टिफिकेट की सूची डाली है। चार जिलों फतेहाबाद, सिरसा, हिसार और भिवानी जिले का डाटा एकत्रित किया जा रहा है, जल्द ही उसे भी सार्वजनिक किया जाएगा।
ग्रुप डी की भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र आए थे सामने
2018 में ग्रुप डी की भर्ती में हुए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट फर्जीवाड़ा सामने आया था। काफी संख्या में युवाओं ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पा ली। विभाग ने अपने स्तर पर जांच कराई तो 2018 से 2021 तक विभाग की ओर से कुल 5627 प्रमाण पत्र जारी किए गए। इनमें से 2403 संदिग्ध पाए गए थे। बाद में इस मामले की जांच विजिलेंस को दी गई। जांच रिपोर्ट में असलियत सामने आएगी कि कितने खिलाड़ियों ने फर्जी ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाई है।।
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जिला प्रमाणपत्र
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ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने यह फैसला लिया है। खेल विभाग ने नई खेल ग्रेडेशन नीति के तहत ग्रेडेशन सर्टिफिकेट (श्रेणी प्रमाण-पत्र) को विभाग की वेबसाइट पर 18 जिलों के सर्टिफिकेट की सूची डाली है। चार जिलों फतेहाबाद, सिरसा, हिसार और भिवानी जिले का डाटा एकत्रित किया जा रहा है, जल्द ही उसे भी सार्वजनिक किया जाएगा।
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ग्रुप डी की भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र आए थे सामने
2018 में ग्रुप डी की भर्ती में हुए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट फर्जीवाड़ा सामने आया था। काफी संख्या में युवाओं ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पा ली। विभाग ने अपने स्तर पर जांच कराई तो 2018 से 2021 तक विभाग की ओर से कुल 5627 प्रमाण पत्र जारी किए गए। इनमें से 2403 संदिग्ध पाए गए थे। बाद में इस मामले की जांच विजिलेंस को दी गई। जांच रिपोर्ट में असलियत सामने आएगी कि कितने खिलाड़ियों ने फर्जी ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाई है।।
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जिला प्रमाणपत्र
- रोहतक 190
- सोनीपत 97
- कैथल 92
- कुरुक्षेत्र 78
- करनाल 58
- महेंद्रगढ़ 54
- चरखी-दादरी 51
- पानीपत 48
- झज्जर 40
- रेवाड़ी 23
- पलवल 14
- फरीदाबाद 15
- अंबाला 11
- गुरुग्राम 10
- मेवात 10
- यमुनानगर 10
- पंचकूला 08
ग्रेडेशन प्रणाली में पारदर्शिता के लिए ये फैसला लिया है। इससे नकली खिलाड़ियों का पर्दाफाश होगा और असली खिलाड़ियों को मौका मिल सकेगा। जिन्होंने भी गलत प्रमाण पत्र बनवाए हैं, वे खुद इसे वापस करा सकते हैं। बाद में कोई गड़बड़ी मिली तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराए जाएंगे। - पंकज नैन आईपीएस, खेल निदेशक