हड़तालः रूट से हटीं स्कूली बसें, और बढ़ी यात्रियों की मुसीबत, सीटीयू की बस भी नहीं जाएंगी हरियाणा
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हरियाणा रोडवेज कर्मियों का चक्काजाम का पांच दिन भी लोगों पर भारी पड़ा। सरकार की ओर से लोगों को राहत देने के लिए मंगवाई स्कूली बसें भी शनिवार को रूट से हट गई। शनिवार को स्कूल खुलते ही स्कूलों के प्रशासन ने इन बसों को वापस बुला लिया। उधर, वैकल्पिक चालक व परिचालकों से सरकारी बसें चलाने का दावा करने वाली सरकार शनिवार को कुल 4500 सरकारी बसों में सिर्फ 700 बसें ही चलवा पाई। इनमें से भी अधिकतर बसें छोटे रूट पर ही चली।
इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों को प्राइवेट बसों, टैक्सियों व अन्य वाहनों पर खासी परेशानियों झेलते हुए अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। इतना ही नहीं प्राइवेट वाहन चालकों ने इसी हड़ताल का फायदा उठाते हुए यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला। यात्रियों को भी मजबूरन प्राइवेट वाहन चालकों की किराए के नाम पर की जा रही अवैध वसूली का शिकार होना पड़ा।
खासकर रात के समय तो ये प्राइवेट चालक यात्रियों का खूब आर्थिक शोषण कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें रात के समय कोई बसें अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए नहीं मिल रही है। चंडीगढ़ निवासी गिरीश व संजय ने बताया कि उन्हे जयपुर से चंडीगढ़ आना था। वे लोग अंबाला तक तो ट्रेन से पहुंच गए, लेकिन उसके बाद उन्हे अंबाला से चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए प्राइवेट टैक्सी को 300 रुपये प्रति व्यक्ति देना पड़ा। जबकि अंबाला से चंडीगढ़ का बस किराया महज 60 रुपये हैं।
दूसरी ओर, परिवहन विभाग भी आनन-फानन में चालकों और परिचालकों की तीन महीनों के लिए नियुक्तियां कर रहा है। सभी रोडवेज डिपोओं पर तैनात महाप्रबंधकों को इन अस्थायी भर्तियों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। उधर, इसी हड़ताल का समर्थन देते हुए चंडीगढ़ परिवहन के वर्करों ने भी रविवार को सिर्फ हरियाणा के लिए चक्का जाम का एलान किया है।
चंडीगढ़ गर्वनमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान जसवंत ने बताया कि रविवार को सीटीयू की कोई बस हरियाणा के लिए रवाना नहीं की जाएगी। उनके अनुसार सीटीयू की बसें रविवार को दिल्ली भी नहीं जाएंगी, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए बसों को हरियाणा से गुजरना होगा।