मोदी के बजट से मिली मायूसी, अब खट्टर से उम्मीदें
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मोदी सरकार के बजट से मायूस हरियाणा की जनता को अब खट्टर सरकार के बजट से उम्मीद है। वित्तीय संकट से जूझ रही खट्टर सरकार के लिए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला बजट लाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए श्वेत पत्र का असर राज्य के आम बजट पर दिखाई दे सकता है। यानि राज्य की जनता की उम्मीदें उतनी पूरी नहीं हो पाएंगी, जितना कि उन्होंने अनुमान लगा रखा है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने इसके जवाब में कहा कि हम संतुलित और हर वर्ग के लिए उपयोगी बजट पेश करेंगे। उन्होंने कहा है कि हमारा बजट दूरदर्शी होगा।
पहली बार हरियाणा में जारी हुआ श्वेत पत्र
श्वेत पत्र से यह साफ हो गया है कि मौजूदा समय में भारी-भरकम टैक्सों की अदायगी कर रही हरियाणा की जनता को भविष्य में कई और टैक्सों से सामना करना पड़ सकता है। वहीं, भविष्य में विकास की गति को किस तरह से रफ्तार मिलेगी, इस पर सरकारी मंथन जारी है।
हरियाणा के राजनीतिक इतिहास में पहली बार जारी किए गए श्वेत पत्र के जरिए खट्टर सरकार ने प्रदेश के कुप्रबंधन और वित्तीय अव्यवस्थाओं का ठीकरा पूर्व की हुड्डा सरकार पर फोड़ा है।
सरकार का कहना है कि वह नेक नियति से काम करने का इरादा रखती है, लेकिन पूर्व सरकार की ओर से पैदा किए गए वित्तीय कु-प्रबंधन आड़े आ रहे हैं।
माना जा रहा है कि श्वेत पत्र के जरिए सरकार प्रदेश की जनता को यह बताना चाहती है कि भविष्य में यदि विकास योजनाओं पर किसी तरह की ब्रेक लगती है और आम जनता पर किसी तरह के टैक्स लगाए जाते हैं तो वह सरकार की मजबूरी होगी।
श्वेत पत्र नहीं आर्थिक सर्वे
पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह के मुताबिक हरियाणा की राजनीति में यह पहली बार हुआ है, लेकिन यह श्वेत पत्र नहीं है, यह आर्थिक सर्वे है। भाजपा ने इसे अपनी सहूलियत के मुताबिक बना दिया है। बजट से पहले सरकार को आर्थिक सर्वेक्षण देना पड़ता है, अब वे क्या देंगे।
भाजपा का श्वेत पत्र असल में काला पत्र
पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव का कहना है कि भाजपा का यह श्वेत पत्र असल में काला पत्र है। यह पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है।
घोषणा पत्र में किए गए वादे पूरे न करना पड़े, इसलिए सरकार यह ढकोसले कर रही है। असल में इनकी नियत काम करने की नहीं है। पैसा जुटाने के लिए संसाधन बनाने पड़ते हैं।