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विपक्ष के निशाने पर आते ही पलटे ऊर्जा मंत्री, बोले- बयान को गलत तरीके से लिया गया
Thu, 02 Jan 2020 10:00 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 02 Jan 2020 10:00 PM IST
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ऊर्जा मंत्री रणजीत चौटाला
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में बिजली बिल न भरने वाले परिवारों के बच्चों को परीक्षा में न बैठने देने के अपने बयान से ऊर्जा मंत्री रणजीत चौटाला पलट गए हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा सरकार को निशाने पर लेने के बाद रणजीत को यूटर्न मारना पड़ा। उनके बयान का प्रदेश में चौतरफा विरोध शुरू हो गया था। पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऊर्जा मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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हुड्डा ने कहा कि इस तरह का कानून या निर्णय जनहित में नहीं होगा। अगर मां-बाप ने बिजली बिल नहीं भरे तो इसमें बच्चों का क्या कसूर? ऊर्जा मंत्री के बयान से सरकार और पार्टी के अनेक नेता भी सहमत नहीं थे। खुद को घिरता देख रणजीत चौटाला ने गुरुवार शाम कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया।
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उन्होंने सिर्फ लोगों को उदाहरण के तौर पर कहा था कि जैसे चुनाव लड़ने के लिए नो ड्यूज सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है अगर ऐसे ही किसी प्रतियोगिता में बैठने के लिए बिजली बिल भरने की शर्त लगा दी गई तो दिक्कत हो जाएगी। सरकार का हालांकि इस तरह की शर्त लगाने का कोई विचार नहीं है न ही कोई ऐसी चर्चा हुई है।
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उधर, गृह मंत्री अनिल विज ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह के समर्थन में उतर आए। विज ने कहा कि जनता को बिजली के बिल भरने ही चाहिए, क्योंकि बिजली मुफ्त नहीं आती। ऊर्जा मंत्री सिर्फ यही संदेश जनता तक पहुंचाना चाहते हैं कि सभी बिल भरें।