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Haryana: हमेशा जैसे ही टूटा भाजपा का गठबंधन, तीन बार लगा राष्ट्रपति शासन; इनके नाम सीएम का सबसे लंबा कार्यकाल
Wed, 13 Mar 2024 12:20 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 Mar 2024 12:20 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने हरियाणा में चौंकाने वाला कदम उठाया है। मंगलवार को मनोहर लाल और उनके मंत्रियों ने इस्तीफे सौंप दिए। साथ ही भाजपा ने जजपा से नाता तोड़ लिया। नायब सिंह सैनी हरियाणा के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं।
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Haryana Political Crisis
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा में जजपा से पहले भाजपा बंसीलाल की पार्टी हरियाणा विकास पार्टी, हरियाणा जनहित कांग्रेस और इनेलो के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी है, मगर गठबंधन का धर्म ज्यादा समय तक चला नहीं। 1998 में भाजपा ने हरियाणा विकास पार्टी के साथ गठबंधन में 1998 का लोकसभा चुनाव लड़ा।
उस दौरान दोनों के पाले में दो सीटें आईं। उसके बाद भाजपा ने इनेलो के साथ गठबंधन किया। 1999 लोकसभा में भाजपा-इनेलो गठबंधन ने सभी दस सीटों पर कब्जा जमाया। हालांकि 2009 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने इनेलो से गठबंधन तोड़ लिया।
उसके भाजपा ने अकेले विधानसभा का चुनाव लड़ा, मगर कामयाबी नहीं मिली। सत्ता में कांग्रेस दोबारा लौटी। उसके बाद भाजपा ने कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व वाली हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। तीन साल तक यह गठबंधन चला, लेकिन साल 2014 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने गठबंधन तोड़ लिया।
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भाजपा अकेले ही सत्ता में आई और मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार बनाई। उसके बाद 2019 में विधानसभा चुनाव में जब भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो जजपा के साथ पार्टी ने गठबंधन किया और चार साल चार महीने तक साझे में सरकार चलाई। अब पार्टी ने फिर जजपा से गठबंधन तोड़ लिया।
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उस दौरान दोनों के पाले में दो सीटें आईं। उसके बाद भाजपा ने इनेलो के साथ गठबंधन किया। 1999 लोकसभा में भाजपा-इनेलो गठबंधन ने सभी दस सीटों पर कब्जा जमाया। हालांकि 2009 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने इनेलो से गठबंधन तोड़ लिया।
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उसके भाजपा ने अकेले विधानसभा का चुनाव लड़ा, मगर कामयाबी नहीं मिली। सत्ता में कांग्रेस दोबारा लौटी। उसके बाद भाजपा ने कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व वाली हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। तीन साल तक यह गठबंधन चला, लेकिन साल 2014 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने गठबंधन तोड़ लिया।
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भाजपा अकेले ही सत्ता में आई और मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार बनाई। उसके बाद 2019 में विधानसभा चुनाव में जब भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो जजपा के साथ पार्टी ने गठबंधन किया और चार साल चार महीने तक साझे में सरकार चलाई। अब पार्टी ने फिर जजपा से गठबंधन तोड़ लिया।
हरियाणा को 56 साल बाद पिछड़ा वर्ग से मिला सीएम
हरियाणा को 56 साल बाद एक बार फिर पिछड़ा वर्ग से मुख्यमंत्री मिला है। इससे पहले 1967 में राव बीरेंद्र ने हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। अब पांच दशक बाद दूसरी बार कुरुक्षेत्र से सांसद नायब सैनी ने शपथ ली है। प्रदेश की कुल आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा पिछड़ा वर्ग से है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को साधने के लिए यह बड़ा दांव खेला है।
हरियाणा को 56 साल बाद एक बार फिर पिछड़ा वर्ग से मुख्यमंत्री मिला है। इससे पहले 1967 में राव बीरेंद्र ने हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। अब पांच दशक बाद दूसरी बार कुरुक्षेत्र से सांसद नायब सैनी ने शपथ ली है। प्रदेश की कुल आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा पिछड़ा वर्ग से है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को साधने के लिए यह बड़ा दांव खेला है।
हरियाणा में वर्ष 2014 तक विशेष समुदाय से ही मुख्यमंत्री बने। वर्ष 2014 में भाजपा ने इस रिवायत को तोड़ते हुए पंजाबी वर्ग से मनोहर लाल को प्रदेश की कमान सौंपी। 26 अक्टूबर 2014 से लेकर 27 अक्टूबर 2019 तक मनोहर लाल पांच साल मुख्यमंत्री रहे। वहीं, दूसरी बार जजपा के साथ गठबंधन कर भाजपा फिर सत्ता पर काबिज हुई और 12 मार्च 2024 तक मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया रहे।
अब तक कांग्रेस के हुड्डा का सबसे लंबा कार्यकाल
हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बतौर मुख्यमंत्री सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। हुड्डा 9 साल 235 दिन तक मुख्यमंत्री रहे, जबकि मनोहर लाल 9 साल 138 दिन मुख्यमंत्री रहे हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा 5 मार्च 2005 से 25 मार्च 2009 तक मुख्यमंत्री रहे थे। दूसरे कार्यकाल में वे 25 अक्टूबर 2009 से 26 मार्च 2014 तक मुख्यमंत्री रहे।
हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बतौर मुख्यमंत्री सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। हुड्डा 9 साल 235 दिन तक मुख्यमंत्री रहे, जबकि मनोहर लाल 9 साल 138 दिन मुख्यमंत्री रहे हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा 5 मार्च 2005 से 25 मार्च 2009 तक मुख्यमंत्री रहे थे। दूसरे कार्यकाल में वे 25 अक्टूबर 2009 से 26 मार्च 2014 तक मुख्यमंत्री रहे।
तीन बार लग चुका है राष्ट्रपति शासन
प्रदेश में तीन बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। खास बात है कि जिस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ, वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बना।
-पहली बार 20 नवंबर 1967 को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ, जोकि 21 मई 1968 तक 183 दिन रहा। उस समय राव बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री थे। चुनाव होने के बाद बंसी लाल 21 मई 1968 को मुख्यमंत्री बने।
प्रदेश में तीन बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। खास बात है कि जिस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ, वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बना।
-पहली बार 20 नवंबर 1967 को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ, जोकि 21 मई 1968 तक 183 दिन रहा। उस समय राव बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री थे। चुनाव होने के बाद बंसी लाल 21 मई 1968 को मुख्यमंत्री बने।
-दूसरी बार 30 अप्रैल 1977 को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ और 21 जून 1977 तक 52 दिन लागू रहा, उस समय बनारसी दास गुप्ता मुख्यमंत्री थे और चुनाव के बाद चौधरी देवीलाल 21 जून 1977 को मुख्यमंत्री बने।
-तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 6 अप्रैल 1991 को लागू हुआ और 23 जून 1991 तक 108 दिन रहा। चुनाव के बाद भजन लाल 23 जून 1991 को मुख्यमंत्री बने।
-तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 6 अप्रैल 1991 को लागू हुआ और 23 जून 1991 तक 108 दिन रहा। चुनाव के बाद भजन लाल 23 जून 1991 को मुख्यमंत्री बने।
मुख्यमंत्री का नाम कब से कब तक अवधि
भगवत दयाल शर्मा 1 नवंबर 1966 से 23 मार्च 1967 142 दिन
राव बीरेंद्र सिंह 24 मार्च 1967 से 20 नवंबर 1967 241 दिन
चौधरी बंसीलाल 21 मई 1968 से 30 नवंबर 1975 7 साल 193 दिन
बनारसी दास गुप्ता 1 दिसंबर से 30 अप्रैल 1977 1 साल 150 दिन
चौधरी देवीलाल 21 जून 1977 से 28 जून 1979 2 साल 7 दिन
भजन लाल 28 जून 1979 से 4 जून 1986 6 साल 341 दिन
चौधरी बंसीलाल 5 जून 1986 से 20 जून 1987 1 साल 15 दिन
चौधरी देवीलाल 20 जून 1987 से 2 दिसम्बर 1989 2 वर्ष 165 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 2 दिसंबर 1989 से 22 मई 1990 171 दिन
बनारसी दास गुप्ता 22 मई 1990 से 12 जुलाई 1990 51 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 12 जुलाई 1990 से 17 जुलाई 1990 5 दिन
हुकम सिंह 17 जुलाई 1990 से 22 मार्च 1991 248 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 22 मार्च 1991से 5 अप्रैल 1991 14 दिन
भजन लाल 23 जून 1991 से 10 मई 1996 4 वर्ष 322 दिन
चौधरी बंसीलाल 11 मई 1996 से 24 जुलाई 1999 3 वर्ष 74 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 24 जुलाई 1999 से 2 मार्च 2000 5 साल 224 दिन
भूपेन्द्र सिंह हुडा 5 मार्च 2005 से 26 अक्टूबर 2014 9 साल 235 दिन
मनोहर लाल 26 अक्टूबर 2014 से 12 मार्च 2024 9 साल 138 दिन
भगवत दयाल शर्मा 1 नवंबर 1966 से 23 मार्च 1967 142 दिन
राव बीरेंद्र सिंह 24 मार्च 1967 से 20 नवंबर 1967 241 दिन
चौधरी बंसीलाल 21 मई 1968 से 30 नवंबर 1975 7 साल 193 दिन
बनारसी दास गुप्ता 1 दिसंबर से 30 अप्रैल 1977 1 साल 150 दिन
चौधरी देवीलाल 21 जून 1977 से 28 जून 1979 2 साल 7 दिन
भजन लाल 28 जून 1979 से 4 जून 1986 6 साल 341 दिन
चौधरी बंसीलाल 5 जून 1986 से 20 जून 1987 1 साल 15 दिन
चौधरी देवीलाल 20 जून 1987 से 2 दिसम्बर 1989 2 वर्ष 165 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 2 दिसंबर 1989 से 22 मई 1990 171 दिन
बनारसी दास गुप्ता 22 मई 1990 से 12 जुलाई 1990 51 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 12 जुलाई 1990 से 17 जुलाई 1990 5 दिन
हुकम सिंह 17 जुलाई 1990 से 22 मार्च 1991 248 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 22 मार्च 1991से 5 अप्रैल 1991 14 दिन
भजन लाल 23 जून 1991 से 10 मई 1996 4 वर्ष 322 दिन
चौधरी बंसीलाल 11 मई 1996 से 24 जुलाई 1999 3 वर्ष 74 दिन
ओमप्रकाश चौटाला 24 जुलाई 1999 से 2 मार्च 2000 5 साल 224 दिन
भूपेन्द्र सिंह हुडा 5 मार्च 2005 से 26 अक्टूबर 2014 9 साल 235 दिन
मनोहर लाल 26 अक्टूबर 2014 से 12 मार्च 2024 9 साल 138 दिन