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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Police Planning to Update online Crime Record and Case History

हरियाणा पुलिस की विशेष पहल, अब जांच शुरू होते ही ऑनलाइन होगी अपराधों की कहानी

Mon, 13 Jul 2020 11:19 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 13 Jul 2020 11:19 AM IST
सार

  • सभी जांच अधिकारियों को ऑनलाइन अपडेट के लिए उपलब्ध कराएंगे टैब
  • पुलिस आधुनिकीकरण की अनेक योजनाओं पर काम कर रहा है विभाग

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Haryana Police Planning to Update online Crime Record and Case History
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

हरियाणा पुलिस के जांच अधिकारियों को कागज, कलम व फाइलों के झंझट से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। पुलिस आधुनिकीकरण के तहत सभी जांच अधिकारियों को टैब दिए जाएंगे। इससे किसी भी मामले की जांच शुरू होते ही अपराध का पूरा ब्यौरा तुरंत ऑनलाइन अपडेट करना होगा। एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप सिंह विर्क के अनुसार जांच अधिकारियों को टैब देने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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टैब मिलने पर पूरा पुलिस वर्क ऑनलाइन होगा। तफ्तीश की पूरी जानकारी तुरंत सर्वर पर अपलोड करनी होगी। इससे जहां काम में तेजी आएगी, वहीं गलतियों की संभावना न के बराबर रहेगी। पुलिस तफ्तीश में जुटाए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश को कम किया जा सकेगा। रिकॉर्ड तुरंत अपलोड होने पर तफ्तीश में लगने वाले आरोपों में भी कमी आएगी। विभाग का प्रयास है कि टैब देने की प्रक्रिया जल्दी पूरी कर ली जाए।
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अभी मैनुअल होता है काम
पुलिस विभाग में दर्ज होने वाले मामलों की जांच का रिकॉर्ड अभी अधिकारी मैनुअल तरीके से रखते हैं। इसमें सुबूतों से छेड़छाड़ की संभावना भी बनी रहती है। तथ्यों में गड़बड़ी से भी इंकार नहीं किया जा सकता। टैब मिलने पर स्टेशनरी जुटाने की टेंशन खत्म हो जाएगी।
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विभाग में इन योजनाओं पर भी चल रहा काम

. केंद्रीय गृह मंत्रालय के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट के साथ पुलिस के अलग-अलग मॉड्यूल को जोड़कर वर्किंग सुधारी जा रही, लोगों को घर बैठे अधिकांश सुविधाएं देने की तैयारी
. यूनिवर्सल आईडेंटिफिकेशन सिस्टम तैयार किया जा रहा

. जेल डाटाबेस को पुलिस विभाग अपने डाटाबेस के साथ जोड़ रहा
. बेल जंपर्स के डाटाबेस को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चालू

. भगोड़ों, बेल जंपर्स के बारे में टिप लेने के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट पर भी चल रहा काम
. डायल 112 प्रोजेक्ट में कोरोना की वजह से हुई देरी। 6000 नई पीसीआर गाड़ियां मिलेंगी

सभी विभागों में रहता है संसाधनों का अभाव

एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस विभाग को अत्याधुनिक बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। संसाधनों का थोड़ा बहुत अभाव देश के सभी विभागों में रहता है, पुलिस भी इसमें शामिल है। बीते वर्षों की तुलना अब संसाधनों की कमी काफी हद तक दूर हो चुकी है। एडीजीपी ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना जून महीने तक के आपराधिक आंकड़ों के अनुसार इस बार आईपीसी 188 के मामले लॉकडाउन उल्लंघन के कारण बढ़े हैं। पिछली बार इन मामलों की संख्या पहले 6 माह में 110 थी, जबकि इस बार 4000 मामले जून तक दर्ज हो चुके हैं।
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