हरियाणा पंचायत चुनाव: सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगले सप्ताह
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सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा पंचायती राज संशोधन कानून-2015 के मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एक हफ्ते बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से कहा कि यदि इस मामले में वे कोई अन्य बात अदालत के समक्ष रखना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें एक हफ्ते का समय दिया जाता है।
इस दौरान दोनों पक्षों में से कोई भी पक्ष लिखित रूप से अपनी बात अदालत के समक्ष रख सकता है। इसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। बुधवार को पंचायती राज संशोधन कानून-2015 को लेकर सुनवाई तकरीबन एक बजे तक चली।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अगर सरकार पंचायतों को मजबूत बनाना चाहती है और इनके कार्यों में पारदर्शिता लाना चाहती है तो गांव-गांव में पंचायत सचिवालय खोले जाएं ताकि विकास कार्यों पर नजर रखी जा सके। याचिकाकर्ता ने कहा कि लंबित बिजली बिलों और कृषि लोन की अदायगी पूरी कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की नहीं है।
असल में इसकी जिम्मेदारी बिजली निगम और बैंकों की है। प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत चुनाव को लेकर जो तर्कहीन शर्तें थोपी गईं हैं, उसका न तो कोई औचित्य है और न ही इसके कोई सकारात्मक परिणाम आने वाले हैं।