Haryana Panchayat Election: प्रथम चरण का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, पिछली बार के मुकाबले 15.7 प्रतिशत कम मतदान
सुरक्षा के बीच नौ जिलों में कुल 70.7 फीसदी मतदान हुआ। वर्ष 2016 में रिकार्ड 86.4 और 2010 में 85 प्रतिशत मतदान रहा था। कुल 1453 सीटों पर चुनाव लड़े 6148 का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के पहरे में स्ट्रॉग रूम में सभी ईवीएम जमा हुई।
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हरियाणा में कड़ी सुरक्षा के बीच हुए पंचायती राज संस्थाओं के लिए पहले चरण का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। नौ जिलों में ब्लॉक समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए हुए चुनाव में पिछली बार के मुकाबले उत्साह कम रहा। इस बार 70.7 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछली बार से 15.7 फीसदी कम है। वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 86.4 प्रतिशत और 2010 के चुनाव में 85 फीसदी मतदान हुआ था।
इस बार पंचकूला में सबसे अधिक 77.9 और झज्जर जिले में सबसे कम 66.7 फीसदी मतदान हुआ है। 9 जिलों के 61 खंडों में पंचायत समिति की 1278 और जिला परिषद की 175 सीटों के लिए कुल 6148 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम बंद हो गया है।
जिला परिषद में कुल 1254 और ब्लॉक समिति में 4894 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया। तीनों चरणों के मतदान के बाद 27 नवंबर को एक साथ इनका परिणाम घोषित किया जाएगा। प्रथम चरण के 9 जिलों में पंच व सरपंच पद का मतदान 2 नवंबर को होगा। इनके नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
पहले चरण में 9 जिलों भिवानी, झज्जर, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पंचकूला, पानीपत और यमुनानगर में मतदान हुआ। सुबह 6 बजे से शुरू हुआ मतदान रात 7.30 बजे तक चला। पहले चरण के कुल 49 लाख 67 हजार 92 मतदाताओं मे से 34 लाख 96 हजार 333 मतदाताओं ने मतदान किया। कई जिलों में देर रात तक मतदान के लिए लोग लाइनों में लगे रहे। देर रात जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद मतदान में बढ़ोतरी की संभावना है।
जिलेवार यह रहा मतदान प्रतिशत
जिला मतदान(प्रतिशत में)
- पंचकूला 77.9
- यमुनानगर 75.4
- पानीपत 72.3
- नूंह 72.1
- महेंद्रगढ़ 70.4
- भिवानी 69.6
- जींद 69.1
- कैथल 67.8
- झज्जर 66.6
पहले चरण के पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने पर मतदान में लगे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को बधाई। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। कुछ जगहों पर ईवीएम में खराबी आई थी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारियों ने तत्काल उस मशीन को बदला और मतदान शुरू करवाया। जहां-जहां मतदान खत्म हो गया है, वहां-वहां पोलिंग स्टॉफ ने ईवीएम को जमा करवा दिया है। सभी ईवीएम को स्ट्रॉगरूम में रखा जाएगा। -धनपत सिंह, हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त।
पिछली बार भी पंचकूला रहा था अव्वल
वर्ष 2016 में भी पंचकूला में रिकार्ड पंचकूला में 91.7 प्रतिशत हुआ था। कैथल में 87.4 प्रतिशत, यमुनानगर में 90.0 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 81.3 प्रतिशत, झज्जर में 82.0 प्रतिशत, मेवात में 79 प्रतिशत, पानीपत में 84.1 प्रतिशत, जींद में 79.9 प्रतिशत, भिवानी में 67.3 प्रतिशत मतदान हुआ था। गौरतलब है कि पिछली बार भी प्रदेश में तीन चरणों में चुनाव हुआ था, लेकिन उस समय ब्लाक वाइज चुनाव हुआ था और एक ही समय चारों पदों के लिए चुनाव हुआ था। इस बार जिला परिषद, ब्लॉक समिति के लिए एक दिन और पंच और सरपंच के लिए एक दिन मतदान हो रहा है।
जींद, झज्जर और महेंद्रगढ़ के पांच गांवों में मतदान का बहिष्कार, ईवीएम खराब होने से पांच जगह मतदान प्रभावित
चंडीगढ़। ब्लाक और जिला परिषद के चुनाव में रविवार को जींद और महेंद्रगढ़ के दो -दो गांवों, झज्जर के एक गांव में वोटरों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसके अलावा झज्जर के बहादुरगढ़ के दो गांवों, पानीपत, भिवानी और झज्जर के एक-एक गांव में ईवीएम खराब होने के कारण मतदान बाधित रहा। जबकि कैथल के गांव खरकां और शहर में पट्टी डोगर में ईवीएम में खराबी के कारण शुरू में ही मशीनें बदलनी पड़ी, लेकिन मतदान प्रभावित नहीं हुआ।