हरियाणा : विमुक्त घुमंतू जाति के पात्र लाभार्थियों को मिलेंगे घर, 350 रुपये प्रति क्विंटल हुआ गन्ने का भाव
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार सभी वर्गों के उत्थान और विकास के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों को हाउसिंग फॉर ऑल के तहत आश्रय-रहित विमुक्त घुमंतू जाति के पात्र लाभार्थियों के घरों की निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
बैठक में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बनवारी लाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य के प्रत्येक जिले में विमुक्त घुमंतू जाति के लिए शिकायत समिति का गठन किया जाए। विमुक्त घुमंतू जाति के छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें रोजगार योग्य बनाएं। ऐसे छात्रों को कौशल शिक्षा प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री ने विमुक्त घुमंतू जाति के लोगों से आग्रह किया कि वे परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के लिए पंजीकरण करवाएं ताकि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के दिए जाने वाले लाभ उन्हें तुरंत और आसानी से प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां विमुक्त घुमंतू जाति के लोग रहते हैं, उस क्षेत्र में जिला प्रशासन की ओर से विशेष जनता दरबार व कैंप लगाए जाएं, जिनमें ऐसे सभी लोगों के आधार कार्ड बनवाएं और कैंप में परिवार पहचान पत्र का पंजीकरण कार्य भी करें।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में पहले से गठित जिला कष्ट निवारण समितियों में विमुक्त घुमंतू जाति के प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। मनोहर ज्योति योजना के तहत सौर ऊर्जा के लिए आवेदन करने वाले विमुक्त घुमंतू जाति के लोगों को 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
अब किसानों को मिलेगा 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव
हरियाणा के गन्ना किसानों के हित में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पिराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ने का भाव (राज्य परामर्श मूल्य) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सीएम मनोहर लाल ने वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 के पिराई सत्रों की तर्ज पर वर्तमान पिराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ना किसानों को सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। पिराई सत्र 2018-19 के लिए 81.37 करोड़ रुपये और मई 2020 तक पिराई सत्र 2019-20 के लिए 124.14 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य की विभिन्न चीनी मिलों को सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाएगी। गठबंधन सरकार ने बीते विधानसभा सत्र में गन्ने के मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करने की घोषणा की थी।