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सिविल कोर्ट में याचिका, पेंशन और सैलरी के हकदार नहीं 90 विधायक
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी।
Updated Thu, 25 Aug 2016 09:39 AM IST
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कोर्ट
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले की सिविल कोर्ट में दायक याचिका में कहा गया है कि राज्य के 90 विधायकों को पेंशन व सेलरी का हकदार नहीं हैं। याचिका में राज्यपाल, विधायकों समेत 95 लोगों को पार्टी बनाया गया है। सिविल कोर्ट ने इस मामले में 13 सितंबर को सुनवाई तय की है।
रेवाड़ी के नया गांव निवासी सतबीर सिंह ने सिविल जज पवन कुमार की कोर्ट में याचिका दायर करते हुए दावा किया कि राज्य के सभी 90 विधायक सरकारी वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं को पाने के हकदार नहीं है। कारण बताते हुए कहा कि विधायक चंदा लेकर चुनाव लड़ते हैं। यह कोई नौकरी नहीं है, जिसके एवज में वेतन या पेंशन मिले।
वहीं सतबीर सिंह यह भी दावा करते हैं कि पांच साल के वेतन से ज्यादा रुपये चुनाव में खर्च होता है। याचिका में जिक्र किया है कि जीते प्रत्याशी को वेतन व सुविधाएं मिलती हैं, जबकि लगभग उतना ही खर्च करने वाले हारे प्रत्याशी को कुछ नहीं मिलता। ऐसे में यह सट्टे की तरह प्रतीत होता है।
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वहीं राज्यपाल, वित्तीय सचिव, चीफ सेक्रेट्री हरियाणा, स्पीकर विधान सभा को भी मामले में पार्टी बनाया गया है। याचिका स्वीकार करते हुए सिविल कोर्ट ने दस्ती सम्मन जारी किया है।
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रेवाड़ी के नया गांव निवासी सतबीर सिंह ने सिविल जज पवन कुमार की कोर्ट में याचिका दायर करते हुए दावा किया कि राज्य के सभी 90 विधायक सरकारी वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं को पाने के हकदार नहीं है। कारण बताते हुए कहा कि विधायक चंदा लेकर चुनाव लड़ते हैं। यह कोई नौकरी नहीं है, जिसके एवज में वेतन या पेंशन मिले।
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वहीं सतबीर सिंह यह भी दावा करते हैं कि पांच साल के वेतन से ज्यादा रुपये चुनाव में खर्च होता है। याचिका में जिक्र किया है कि जीते प्रत्याशी को वेतन व सुविधाएं मिलती हैं, जबकि लगभग उतना ही खर्च करने वाले हारे प्रत्याशी को कुछ नहीं मिलता। ऐसे में यह सट्टे की तरह प्रतीत होता है।
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वहीं राज्यपाल, वित्तीय सचिव, चीफ सेक्रेट्री हरियाणा, स्पीकर विधान सभा को भी मामले में पार्टी बनाया गया है। याचिका स्वीकार करते हुए सिविल कोर्ट ने दस्ती सम्मन जारी किया है।