जाट आरक्षण के लिए 30 युवा देंगे शहादत!
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केंद्र सरकार ने जो जुल्म जाटों के साथ किया है उसका वे कड़ाई से विरोध करेंगे। जाट बिरादरी के लोग आरक्षण पाने के लिए अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं।
पिछली बार आरक्षण लेने के लिए तीन युवा शहीद हुए थे। अगर आरक्षण दोबारा लागू नहीं किया गया तो तीन की बजाय तीस युवा भी शहीद होने को तैयार हैं। इसके साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कराने के लिए भी लड़ाई लड़ेंगे।
यह बात जाट नेता महासिंह ने खेड़ी रोड स्थित चौधरी छोटूराम जाट धर्मशाला में आरक्षण को लेकर आयोजित बैठक के दौरान कही। बैठक में किसान नेताओं ने जाट आरक्षण रद्द करने का कड़ा विरोध जताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आरक्षण रद्द करने को बताया राजनीतिक साजिश
जाट नेता रोहतास बेनीवाल ने कहा कि कोर्ट द्वारा जाटों का आरक्षण रद करना एक राजनीतिक साजिश है, इसे हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। जाट वर्ग आरक्षण की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का तैयार है।
जयभगवान मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण को रद करना जाट वर्ग के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित वर्ग के लोग जाटों के आरक्षण के लिए लड़ने वाले नेता मूलचंद दहिया का पुतला फूंक रहे हैं।
सरकार और प्रशासन हमें आपस में भिड़वाकर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं। ओमप्रकाश ने कहा कि अगर सरकार ने आरक्षण बहाल नहीं किया तो दिल्ली में चारों तरफ से पानी, दूध और सब्जियों की आवाजाही पर रोक लगा देंगे।