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Chandigarh News: हरियाणा जमीन के बदले जमीन देने को तैयार, प्रशासन ने पूछा- वह जमीन इको सेंसटिव जोन में तो नहीं आती

Fri, 14 Jul 2023 02:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jul 2023 02:18 AM IST
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Haryana is ready to give land in exchange of land, the administration asked - does that land come in the eco-sensitive zone?
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने यूटी प्रशासन को नई विधानसभा के लिए चंडीगढ़ की 10 एकड़ जमीन के बदले पंचकूला में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया है। इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने आगे काम शुरू कर दिया है और अब हरियाणा से मुख्य रूप से तीन सवाल पूछे हैं और दस्तावेज मांगे हैं। इन जवाबों के आने के बाद जुलाई के आखिर में डीसी विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक रखी गई है। पिछले साल हरियाणा सरकार ने नई विधानसभा के लिए चंडीगढ़ से 10 एकड़ जमीन की मांग की थी। जयपुर में हुई 30वीं नॉर्दन जोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वह नई विधानसभा के लिए 10 एकड़ जमीन दे। इसके बाद रेलवे लाइट प्वाइंट से आईटी पार्क की तरफ जाने वाली सड़क की दूसरी तरफ 10 एकड़ जमीन की पहचान की गई। इस जमीन के बदले चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा सरकार को चंडीगढ़ के कलेक्ट्रेट के हिसाब से करीब 500 से 600 करोड़ या चंडीगढ़ के पास जमीन देने का प्रस्ताव दिया। हरियाणा ने हाल ही में जमीन के बदले जमीन देने की बात स्वीकारी है और आईटी पार्क के साथ पंचकूला की 12 एकड़ जमीन देने की बात की है। इसे लेकर बीते दिनों डीसी विनय प्रताप सिंह के अध्यक्षता में एक बैठक हुई। डीसी की तरफ से इस जमीन को लेकर कई दस्तावेज मांगे हैं।
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हरियाणा से मांगे गए ये जवाब
1. क्या वह जमीन ईको सेंसेटिव जोन में आती है। चंडीगढ़ की तरफ से यह सवाल इसलिए पूछा गया है क्योंकि हरियाणा सरकार की तरफ से ईको सेंसेटिव जोन घोषित करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
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2. यूटी प्रशासन ने हरियाणा सरकार की तरफ से दी जाने वाले जमीन की डिमार्केशन कराने की मांग की है।

3. पूछा है कि उस जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है। हाईकोर्ट में कोई केस तो नहीं चल रहा है या फिर उसके नीचे से कोई गैस पाइपलाइन तो नहीं जा रही।

जवाबों के आने के बाद उच्च अधिकारी लेंगे फैसलाः डीसी
डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि जमीन से जुड़े कई स्पष्टीकरण और दस्तावेज हरियाणा सरकार से मांगे गए हैं। उनके आने के बाद जुलाई के आखिरी हफ्ते में एक और बैठक रखी गई है। हरियाणा सरकार के प्रस्ताव की भी समीक्षा की जा रही है। इसके बाद यूटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ही इस संबंध में फैसला लेंगे। डीसी ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, जो इन सभी दस्तावेजों की जांच करेगी। हालांकि फैसला उच्च स्तर पर ही लिया जाएगा।
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