फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana is four times ahead of Punjab in GST collection, but Punjab has 71 percent more ITR filers.

Chandigarh News: हरियाणा जीएसटी संग्रह में पंजाब से चार गुना आगे, आईटीआर फाइल करने वाले पंजाब में 71 प्रतिशत ज्यादा

Thu, 08 Jan 2026 07:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 07:51 PM IST
विज्ञापन
Haryana is four times ahead of Punjab in GST collection, but Punjab has 71 percent more ITR filers.
-करदाता ज्यादा, राजस्व कम: पंजाब की टैक्स संरचना पर माहिरों में बहस तेज
विज्ञापन

राजीव शर्मा
लुधियाना। पंजाब और हरियाणा के ताजा कर संग्रह आंकड़ों ने राज्य की आर्थिक संरचना को लेकर अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पंजाब में आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने वालों की संख्या हरियाणा से कहीं अधिक है, वहीं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह में हरियाणा पंजाब से चार गुना अधिक राजस्व जुटा रहा है। यह असमंजस कर संरचना और औद्योगिक नीति पर गंभीर सवाल उठाता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 18.59 लाख लोगों ने आईटीआर फाइल किया, जबकि हरियाणा में यह संख्या केवल 10.86 लाख रही। इसका मतलब है कि पंजाब में हरियाणा से 71 प्रतिशत अधिक लोग आईटीआर फाइल करते हैं। इसके बावजूद, जब जीएसटी संग्रह की बात आती है, तो हरियाणा का प्रदर्शन बेहद बेहतर है।
विज्ञापन

जीएसटी संग्रह: दिसंबर 2025 में हरियाणा ने 3629 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक था। वहीं, पंजाब में इसी अवधि में जीएसटी संग्रह में 4 प्रतिशत की कमी आई, जो 1966 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, हरियाणा में केंद्रीय (सीजीएसटी) और राज्य (एसजीएसटी) दोनों मिलाकर जीएसटी संग्रह 88,566 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पंजाब का जीएसटी संग्रह इससे कहीं कम रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजस्व में असमानता के कारण
माहिरों का मानना है कि इस असमानता का मुख्य कारण दोनों राज्यों की आर्थिक संरचना है। हरियाणा में ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और बड़े कॉरपोरेट हब का दबदबा है, जो उच्च जीएसटी योगदान करते हैं। इसके विपरीत, पंजाब में कृषि, छोटे व्यापार और सेवा क्षेत्र का प्रमुख स्थान है, जिनसे जीएसटी का संग्रह अपेक्षाकृत कम होता है।
क्यों बढ़ा आईटीआर, फिर भी जीएसटी कम? प्रख्यात अर्थशास्त्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल शर्मा का कहना है कि यह सवाल बेहद अहम है—जब पंजाब में करदाता और आईटीआर फाइलर ज्यादा हैं, तो फिर जीएसटी संग्रह में कमी क्यों? उनका मानना है कि यह राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश माहौल और कर आधार के विस्तार पर गंभीर मंथन की मांग करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब को अपने औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। खासकर बड़े उद्योगों को राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित करना जरूरी होगा।

गंभीर मंथन की आवश्यकता
यह आंकड़े इस बात को प्रमाणित करते हैं कि पंजाब की आर्थिक संरचना में औद्योगिकता की कमी और सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व जीएसटी संग्रह में कमी का कारण बन रहे हैं। वहीं, हरियाणा ने बड़े उद्योगों के विकास और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर जीएसटी संग्रह में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। अब समय आ गया है कि पंजाब इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाए और अपने कर राजस्व को बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों को अपनाए। कर संग्रह और आर्थिक वृद्धि के मुद्दे पर सरकार को प्राथमिकता से काम करना होगा, ताकि राज्य का राजस्व बढ़ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article