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हालात : नशे का गढ़ बनता जा रहा है हरियाणा, पुलिस और सरकार पर सवाल
Mon, 19 Jul 2021 01:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:00 AM IST
सार
- पंजाब, राजस्थान और यूपी के साथ लगते जिलों में तेजी से बढ़ रही तस्करी के मामले
- ड्रग सचिवालय में नहीं आ रही सूचनाएं, ब्यूरो के पास नहीं संसाधन
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ड्रग्स की लत
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विस्तार
दूध-दही के लिए प्रसिद्ध हरियाणा अब नशे का गढ़ बनता जा रहा है। पंजाब, राजस्थान और यूपी के साथ लगते जिलों में तेजी से नशा का कारोबार पांव पसार रहा है। पिछले सप्ताह फरीदाबाद में एक ही स्थान से दिल्ली पुलिस द्वारा 354 किलोग्राम हेरोइन पकड़े जाना इस बात की तस्दीक करता है। नशा रोकने वाली विंगों की कार्यप्रणाली कमजोर हो रही है। पानीपत, करनाल समेत जींद, रोहतक जिलों में भी कई मामले सामने आए हैं। बढ़ते नशे को लेकर कांग्रेसी विधायकों ने भी पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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दो साल पहले पंचकूला पुलिस लाइन में अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय स्थापित किया गया। यह हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली राज्यों की पुलिस को आपस में जोड़ने और नशा कारोबार की कमर तोड़ने के लिए बनाया गया था। अब आलम ये है कि सूचना के लिए दिए नंबरों पर दिनभर में मुश्किल से एक से दो काल आती हैं। जब पुलिस के पास सूचनाएं ही नहीं होंगी तो वे तस्करों को पकड़ेंगे कैसे? दूसरा राज्य नारकोटिक्स ब्यूरो के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही संशाधन। ऐसे में नशा तस्कर कैसे पकड़े जाएंगे? मुखबिरी के लिए बजट कम होना भी बढ़ती तस्करी का कारण बताया जा रहा है।
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तेजी से बढ़ रहा नशा : सिहाग
डबवाली से विधायक अमित सिहाग ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ एक्शन के बाद से तस्कर हरियाणा के इलाकों में सक्रिय हो गए हैं। पुलिस और सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते हरियाणा में पिछले 6 से 7 साल में केवल नशे का कारोबार बढ़ा है। इसी प्रकार, कांग्रेस के बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने भी नशे को लेकर सरकार पर हमला बोला है और कहा कि क्षेत्र में लगातार नशा बढ़ रहा है। दोनों विधायकों ने सरकार से मांग की कि तस्करों पर लगाम लगाई जाए।
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स्मैक से लेकर हेरोइन तक की तस्करी
साल 2020 में पुलिस ने 22.5 टन ड्रग्स को जब्त किया। इसमें 225 किलोग्राम अफीम, 250 किलोग्राम चरस/सुल्फा, 12828 किलोग्राम चूरापोस्त, 8 किलो से स्मैक, 9223 किलो गांजा व 33 किलो 198 ग्राम हेरोइन शामिल हैं। इस वर्ष पुलिस ने गुरुग्राम से 22.33 क्विंटल गांजा, हिसार से 527 किलो 800 ग्राम डोडा पोस्त, पानीपत से 325 से अधिक गांजा पत्ती, महेंद्रगढ़ से 17.12 क्विंटल गांजा पत्ती, कैथल से 21 किलो अफीम और करनाल से 1.28 क्विंटल डोडा पोस्त व 7.5 किलो अफीम बरामद की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नारकोटिक्स ब्यूरो के इंचार्ज एडीजीपी श्रीकांत जाधव का कहना है कि उनके पास संसाधनों और स्टाफ की कमी है। उधर, डीजीपी क्राइम अकील मोहम्मद ने नशे को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। बता दें कि दो दिन पहले ही हरियाणा के नए राज्यपाल ने भी हरियाणा में बढ़ते नशे को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है।