हरियाणा में फिर बढ़ीं अशोक खेमका की दिक्कतें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन से तत्कालीन एमडी अशोक खेमका के कार्यकाल में गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने के टेंडर देने से संबंधित कागजात गुम हो गए हैं। इस मामले में कारपोरेशन ने पुलिस को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
कारपोरेशन के प्रबंधक (बिजनेस) आरके सिंह ने 8 मई को पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस थाना प्रभारी को पत्र लिखकर कहा है कि कारपोरेशन के पास आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र कुमार की शिकायत सरकार के जरिए पहुंची है।
रविंद्र कुमार ने दावा किया है कि गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने का टेंडर देने की प्रक्रिया में कानूनी राय का कागज गुम है।
या तो फाड़ दिए या गुम कर दिए
रविंद्र का दावा है कि उन्हें गुम किए कागज की फोटोस्टेट प्रति कारपोरेशन के एक ही अधिकारी ने दी है। यह मामला पांच साल पुराना है। यह दस्तावेज या तो किसी ने फाड़ दिया है या गुम कर दिया है।
पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करे। कारपोरेशन के एमडी रमेश कृष्ण ने पुलिस को लिखी शिकायत की पुष्टि की है। हालांकि, वीरवार को दी गई इस शिकायत पर अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
सेक्टर-5 थाना प्रभारी मलकीत सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत की जांच के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा।
अब तक लिखी ही नहीं गई एसीआर
सीनियर आईएएस अशोक खेमका की वर्ष 2012-13 की एसीआर अब तक नहीं लिखी गई। यह जानकारी मुख्य सचिव एससी चौधरी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों के पूछने पर दी।
मुख्य सचिव से पूछा गया था कि अशोक खेमका ने उन्हें पत्र लिखकर कहा है कि उनकी एसीआर खराब की जा रही है और उन्हें कृषि विभाग के एक अफसर ने रिकार्ड नहीं देखने दिया।
डेपुटेशन पर जाने का किया था आवेदन
मुख्य सचिव ने कहा कि खेमका ने केंद्र में जाने का आवेदन किया था। हरियाणा सरकार ने उसे केंद्र को भेज दिया था। जहां तक एसीआर खराब करने का प्रश्न है, वह गलत है। अब तक एसीआर लिखी ही नहीं गई है।
जब एसीआर लिखी ही नहीं गई तो खराब कहां से हो गई। उन्होंने कहा कि खेमका का पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है और उसे एग्जामिन किया जा रहा है।
खेमका को केंद्र में जाने से रोकने के आरोप पर मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा सरकार चाहती है कि केंद्र में उनके अफसर जाएं। केंद्र में होंगे तो अपने राज्य के लिए अच्छा ही करेंगे।
एसीआर पूरी होने के बाद ही मिलेगी जानकारी
केंद्र ने हरियाणा सरकार को शुक्रवार को पत्र भेजकर पूछा है कि खेमका की वर्ष 2011-12 और 2012-13 की एसीआर के बारे में स्पष्ट करें। इसके अलावा उनकी विजिलेंस जांच बारे भी बताया जाए।
हरियाणा सरकार ने केंद्र को खेमका की एनओसी भेजते हुए जिक्र किया था कि खेमका को आल इंडिया सर्विस रूल्स की धारा आठ के तहत चार्जशीट हो रखी है। साथ में मूंग की दाल खरीद मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की जांच चल रही है। मुख्य सचिव ने बताया कि 2012-13 की एसीआर पूरी होने के बाद ही जानकारी भेजी जाएगी।
उधर, मुख्य सचिव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि खेमका को 17 अप्रैल, 2014 को वर्ष 2011-12 की एसीआर भेजी थी। खेमका अगर 30 दिन के भीतर उसे चुनौती दें तो ठीक है अन्यथा उसे सही मान लिया जाएगा। उसके बाद वह एसीआर केंद्र को भेज दी जाएगी। अब 30 दिन पूरे होने में छह दिन बकाया हैं।
मेरा कैरियर खराब करने का प्रयास : खेमका
खेमका ने मुख्य सचिव लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि 15 अक्तूबर, 2012 को उन्होंने जो आदेश पारित किया था, उसके कारण उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
उनकी एसीआर न भेजने और विजिलेंस क्लीयरेंस न होने से उनका नाम केंद्र की सूची में शामिल नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्य सचिव से आग्रह किया था कि उन्हें भविष्य में प्रताड़ित न किया जाए।
अक्तूबर, 2012 में वाड्रा-डीएलएफ डील में म्युटेशन रद्द करने के फैसले के बाद उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।