करनाल नगर निगम में गृह मंत्री अनिल विज का छापा, चार अधिकारी व एक चपरासी सस्पेंड
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प्रदेश के गृह और निकाय मंत्री अनिल ने बुधवार को नगर निगम करनाल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर विज ने चार अधिकारियों और एक चपरासी को सस्पेंड कर दिया। इसमें डिप्टी डायरेक्टर ऑॅडिट रामकुमार, डीटीपी मोहन सिंह, कार्यकारी अभियंता एलसी चौहान, एमई लख्मीचंद और चपरासी दीपक शामिल हैं।
साथ ही कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा से स्पष्टीकरण तलब किया है। यही नहीं विज ने कार्यालय में नहीं मिलने पर निगम आयुक्त निशांत यादव की भी खिंचाई की। करीब दो घंटे तक अनिल विज ने एक-एक करके अलग-अलग कमरों में जांच की और टेबल और दराजों में रखी फाइलें चेक करके संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किए। विज के औचक निरीक्षण से पूरे निगम समेत थानों और अस्पतालों में भी हड़कंप की स्थिति रही।
जानकारी के अनुसार दोपहर तीन बजे मंत्री अनिल विज दिल्ली जाते समय अचानक करनाल नगर निगम पहुंच गए। निगम के अंदर घुसते ही डिस्पैच ब्रांच में गए और वहां पर आई हुए शिकायतों और फाइलों को खंगाला। यहां पर एक नवंबर माह की कंप्लेंट मिलने पर उसे आगे नहीं भेजने का कारण पूछा। यहां पर तैनात कर्मचारियों को कड़ी फटकार के बाद लापरवाही बरतने पर चपरासी दीपक को सस्पेंड कर दिया।
इसके बाद वे सीधे एमई लख्मीचंद राघव के कमरे में पहुंचे। यहां पर विज ने एक एक फाइल को चेक किया और जवाब तलब किया। पुरानी फाइलें लंबित होने पर एमई को सस्पेंड करने के आदेश दिए। उन्होंने एक ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने पर बीच में से पत्थर निकलने पर किए गए कार्य के सैंपल भरवाने के आदेश दिए। सैंपल फेल पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
इसके बाद वे सीधे कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा के कार्यालय पहुंचे और यहां पर भी एक-एक फाइल चेक की। एक फाइल के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर विज ने एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए। फिर अकाउंट ऑफिसर के कार्यालय में गए, लेकिन वे ऑफिस में नहीं मिले। फिर डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट रामकुमार के कार्यालय में पहुंचे। यहां पर आने व जाने वाली फाइलों का रिकॉर्ड नहीं होने पर डीडीए को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही ये भी कहा, आगे से इसका रिकॉर्ड रखा जाए।
इसके बाद कार्यकारी अभियंता एलसी चौहान के ऑफिस पहुंचे तो वे वहां पर नहीं मिले। बिना किसी लिखित सूचना के जाने के कारण उन्हें भी सस्पेंड कर दिया। इसके बाद डीटीपी कार्यालय पहुंचे तो यहां पर दो लोगों ने शिकायत की कि छह माह पहले अवैध निर्माण की शिकायत दी थी, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीटीपी मोहन को भी सस्पेंड करने के आदेश दिए। लगभग दो घंटे तक एक्शन के बाद करीब पांच बजे विज यहां से निकले।
बता देना सीएम को अनिल विज ने सस्पेंड कर दिया
अनिल विज के निरीक्षण के दौरान कार्यकारी अभियंता एलसी चौहान अपने कार्यालय में नहीं थे। बाद में जब एलसी चौहान आए और विज से मिले। उन्होंने बताया कि वे नये ट्यूबवेल के लिए जमीन देखने और एडीसी की बैठक में गए थे। इस पर विज भड़क गए और कहा कि आप निगम के मालिक हैं। किससे पूछकर मीटिंग में गए थे? कार्यकारी अभियंता ने बताया कि कल मेयर से बात की थी, इसलिए गया था, तो विज ने लिखित में कोई प्रमाण दिखाने के लिए कहा।
कार्यकारी अभियंता ने कहा कि इस बारे में सीएम ने खुले दरबार में कहा था। इतना कहते ही विज और भड़क गए और बोले-भाई तू मुझे सीएम की ना बता, बता देना सीएम को मुझे अनिल विज ने सस्पेंड किया। सीएम ने ही मुझे ये विभाग दिया है। विज ने कहा कि मुझे वो ही विभाग दिए जाते हैं तो बिगड़े हुए होते हैं। बाद में एक्सईएन ने कहा कि आगे से रोजनामचा रजिस्टर लगाया जाएगा, इस पर भी विज बोले, आगे तो आपके यहां नहीं पूरे हरियाणा में ही लगाया जाएगा। गौरतलब है कि एक्सईएन एलसी चौहान भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना चौहान के पति हैं।