{"_id":"61330deb8ebc3e32763adb25","slug":"haryana-home-minister-anil-vij-does-not-agree-on-giving-command-of-transport-department-to-an-ips-officer","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: सरकार ने की परिवहन विभाग की कमान आईपीएस को देने की तैयारी, गृहमंत्री अनिल विज ने किया इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: सरकार ने की परिवहन विभाग की कमान आईपीएस को देने की तैयारी, गृहमंत्री अनिल विज ने किया इनकार
Sat, 04 Sep 2021 11:40 AM IST
निवेदिता वर्मा
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 04 Sep 2021 11:40 AM IST
सार
सरकार ने परिवहन विभाग की कमान पहले आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को दी थी। इसके विरोध में कुछ कनिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों के पास गए थे। यह विरोध अंदरखाते ही होता रहा। इस मामले में आईएएस अशोक खेमका ने डीओपीटी को पत्र लिख कर आपत्ति जताई और डीओपीटी ने सरकार को इस बाबत पत्र लिखा।
विज्ञापन
Anil vij
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार परिवहन विभाग की कमान दोबारा आईपीएस अधिकारी को देने की फिराक में है, लेकिन गृह मंत्री अनिल विज इससे सहमत नहीं हैं। आईएएस लॉबी ने भी अंदरखाते विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को निकली तबादला सूची में परिवहन विभाग का जिम्मा किसी आईपीएस को सौंपने के आदेश हो जाने थे, लेकिन विज ने पेंच फंसा दिया है। उन्होंने फाइल पर लिख दिया है कि इस मामले में डीओपीटी (डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग) की अनुमति जरूरी है।
विज्ञापन
विज का तर्क है कि आईपीएस और आईएएस अधिकारियों की ट्रेनिंग अलग-अलग होती है। लिहाजा आईएएस की पोस्ट पर आईपीएस लगाना उचित नहीं होगा। विज का शुरू से स्टैंड रहा है कि जो अधिकारी पुलिसिंग के अलावा दूसरे कार्यों में लगे हैं, उन्हें उनके मूल काडर में वापस लाकर पुलिसिंग का काम करवाया जाए।
विज्ञापन
खेमका पहले ही जता चुके आपत्ति
सरकार ने परिवहन विभाग की कमान पहले आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को दी थी। इसके विरोध में कुछ कनिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों के पास गए थे। यह विरोध अंदरखाते ही होता रहा। इस मामले में आईएएस अशोक खेमका ने डीओपीटी को पत्र लिख कर आपत्ति जताई और डीओपीटी ने सरकार को इस बाबत पत्र लिखा। डीओपीटी ने लिखा है कि काडर पोस्ट पर किसी को न लगाया जाए। यदि लगाया भी जाए तो डीओपीटी की अनुमति अवश्य ली जाए। अब सरकार चाह रही थी कि किसी तरह आईपीएस अधिकारी की परिवहन विभाग में पदस्थापित हो जाए और डीओपीटी से अनुमति बाद में ले ली जाए।
विज्ञापन
काडर पोस्ट पर लगने का नियम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काडर पोस्ट पर नॉन काडर का अधिकारी एक दिन भी नहीं लगाया जा सकता। ऐसा तभी संभव है जब डीओपीटी अनुमति दे। अन्यथा कई मामलों में इस तरह की नियुक्तियां कुछ राज्यों में चैलेंज भी हुई हैं। पड़ोसी राज्य पंजाब में भी एक ऐसा मामला मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जिस पर फैसला रिजर्व है।