Nuh Violence: नूंह हिंसा पर गृहमंत्री अनिल विज का बड़ा बयान, कहा-आरोपियों में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल
अनिल विज ने कहा कि मामले में पकड़े गए लोगों से पूछताछ में सामने आया है कि ये सारा किया कांग्रेस का है। कांग्रेस विधायक मामन खान के बारे में विज ने कहा कि उन्हें पूछताछ के लिए 30 तारीख को बुलाया गया है।
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कांग्रेस विधायक मामन खान को पूछताछ के लिए 30 अगस्त को बुलाया गया है। पुलिस खान से पूछताछ करेगी। जांच में यह भी सामने आया है कि वह कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में थे, जो हिंसा में शामिल थे। वह 28, 29 और 30 जुलाई को जिन जगहों पर गए थे, वहां पर हिंसा की वारदातें सामने आई हैं। खान वहां के लोगों के संपर्क में थे। ऐसे सारे एंगलों पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है। सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है। जल्द ही पक्के सबूतों को जनता के सामने रखा जाएगा और बताया जाएगा कि हिंसा के पीछे कौन मास्टरमाइंड था।
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उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि दंगाइयों ने साइबर थाने को विशेष रूप से क्यों निशाना बनाया। पुलिस सभी एंगलों की गहनता से जांच कर ही है। सोमवार को नूंह हिंसा को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। हंगामे की वजह से स्पीकर को दो बार सदन को स्थगित करना पड़ा था। खान मंगलवार को भी सदन में मौजूद थे। वह फिरोजपुर झिरका से विधायक हैं। भाजपा के नसीम अहमद को हराकर वह पहली बार कांग्रेस से विधायक बने हैं। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास ने कहा कि मेवात में कभी दंगा नहीं हुआ। दशकों से हिंदु-मुस्लिम मिलकर रहते आए हैं। सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
मोनू मानेसर गलत है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी
कथित गोरक्षक मोनू मानेसर पर पूछे गए सवाल पर विज ने कहा कि उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हिरासत में आने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। अगर उसने भी कुछ गलत किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अपनी नाकामी छिपा रही सरकार
सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। सदन में भी हमने मांग की थी कि नूंह हिंसा की न्यायिक जांच करवाएं, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि नूंह हिंसा एक सोची समझी साजिश है। गृह मंत्री कुछ और बयान देते हैं। यदि यह साजिश है तो इसकी हाईकोर्ट के जज से जांच करवाई जाए। - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष
नूंह विधायक बोले-सरकार फेल हुई
नूंह हिंसा के मामले में सरकार फेल है। हिंसा से पहले मैंने सरकार को बताया था कि माहौल खराब है। यदि समय रहते सरकार कदम उठाती तो नफरत की आग नहीं भड़कती। सरकार सदन में इस मामले पर चर्चा नहीं करना चाहती और वहीं सदन के बाहर जाकर मुख्यमंत्री व गृहमंत्री आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। हमने सदन में भी यह मांग उठाई थी कि नूंह हिंसा की जांच हाईकोर्ट के जज से करवानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। -चौधरी आफताब अहमद, नूंह विधायक व कांग्रेस विधायक दल उप नेता