एक्शन मोड में मंत्री अनिल विज, दो पुलिस अधिकारियों और दो हुडा अफसरों को किया सस्पेंड
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अपने रौद्र रूप और हाथों हाथ न्याय दिलवाने के लिए मशहूर स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान पुलिस कर्मियों को जमकर लताड़ा। पुलिस की कार्यप्रणाली पर जमकर भड़के। उन्होंने तत्काल प्रभाव से दो एएसआई को सस्पेंड और एक इंस्पेक्टर को 150 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया। जबकि इंस्पेक्टर डेढ़ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुका है।
इतना ही नहीं एक मामले में उन्होंने पुलिस अधिकारी को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर देकर कहा कि शाम तक मामले की जांच कर उसकी कार्रवाई रिपोर्ट उनके पास व्हाट्सएप पर भेज दें। इस दौरान उन्होंने हुड्डा विभाग द्वारा बरती गई लापरवाही और मनमानी पर एक एसडीओ और एक जेई को भी सस्पेंड किया।
पीड़ित को विभाग पर हर्जाने का केस करने तक की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने विभाग को उसके नुकसान की भरपाई करवाने के लिए आदेश दिए। इस दौरान मंत्री की न्याय प्रणाली के साथ उनके डॉयलाग के चर्चे रहे।
गांव पाथरी निवासी राधा रानी की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने पुलिस अधिकारियों पर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने डीएसपी को अपना पर्सनल नंबर देकर कहा कि मुझे संबधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कर व्हाट्सएप पर मैसेज करें। इसके लिए उन्होंने डीएसपी को अपना पर्सनल नंबर भी दिया। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन एसएचओ महेंद्र को सस्पेंड कर दिया।
वहीं एएसआई कप्तान सिंह का घर से 150 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि मैं लोगों को ऐसे रोने नहीं दूंगा, डर कर जीने नहीं दूंगा, मैं अनिल विज हूं।
पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ पहले तीन मामले सुन चुके मंत्री के सामने चौथा मामला भी पुलिस कार्यप्रणाली के खिलाफ आया। इसमें चांदनी बाग थाना के अंतर्गत एक युवक को साजिशन मारने का प्रयास किया गया। इसमें पुलिस ने तथ्य को ही बदल दिया। इसके बाद जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी पुलिस कर्मचारी ने कैंसलेशन रिपोर्ट जमा करवा दी।
इस पर मंत्री ने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि लंका में सभी 52 गज के हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी शराब कारोबारियों के साथ जुड़कर ऐसा किया है, तो मंत्री बोले- पुलिस तो है ही शराब कारोबारियों पर मेहरबान। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अगली बैठक तक सभी आरोपी जेल के अंदर होने चाहिए।
बिना नोटिस के किसी के घर में कैसे घुस गए : हुडा द्वारा बिना नोटिस दिए मकान ढहाने वाले मामले में अनिल विज ने हुडा अफसरों को जमकर लताड़ा। उन्होंने संबधित एसडीओ और जेई को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। इस दौरान उन्होंने अफसरों को धमकाते हुए कहा कि बिना परमिशन या नोटिस के तुम किसी के घर में नहीं घुस सकते, तुमने तो मकान ढहा दिया।
इस पर अधिकारी बोले कि हम तो सरकार का फायदा कर रहे थे, तो मंत्री ने उन्हें और लताड़ा। बोले सरकार की चापलूसी बंद करो। ऐसा कोई कानून है तो दिखाओ, वर्ना आई विल हैंग यू। इससे संबधित कोई पुख्ता सबूत पेश न कर पाने की सूरत में मंत्री ने एसडीओ देवेंद्र मलिक और जेई कर्मबीर को सस्पेंड कर दिया।
मैं यहां बैठा हूं, मेरे से ज्यादा भी राजनीतिक दबाव है क्या किसी का : शिकायत नंबर 5 में धोखाधड़ी से बीपीएल कार्ड बनवाने वाले मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि शिकायतों के बावजूद भी राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री बोले कि मैं यहां बैठा हूं, मेरे से भी ज्यादा पॉलिटिकल दबाव है क्या किसी का।
बैठक में यह रहे मौजूद : लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने की। उनके साथ विधायक महिपाल ढांडा, रोहिता रेवड़ी, रविन्द्र मच्छरौली, नगर निगम मेयर अवनीत कौर, वरिष्ठ भाजपा नेता निति सैन भाटिया, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, एसपी सुमित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त प्रीति के अलावा सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।