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तंबाकू मुक्त बनेगी पाठशाला, अगर अब आसपास ब्रिकी हुई तो होगा अपराध
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Apr 2017 09:24 AM IST
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स्कूल के पास तंबाकू बेचना अपराध
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हरियाणा के सभी स्कूलों को ‘तंबाकू मुक्त पाठशाला’ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए पहली बार स्कूलों के मुखिया की जिम्मेवारी तय होगी। स्कूल मुखिया न केवल अपने स्कूल को तंबाकू मुक्त पाठशाला घोषित करेंगे, बल्कि अपने-अपने जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत प्रमाण पत्र भी देंगे।
किशोरों में तंबाकू के प्रति बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर हरियाणा शिक्षा विभाग चिंतित है। दूसरी ओर, विभाग ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे को अपनी इस मुहिम का आधार बनाया है, जिसमें यह सामने आया है कि प्रतिवर्ष देश में 10 लाख से अधिक भारतीयों की मृत्यु की वजह तंबाकू जनित बीमारियां बनती है, जिनमें 15000 लोग हरियाणा के शामिल होते हैं। ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के मुताबिक, भारत में 13 से 15 वर्ष की उम्र के 14 प्रतिशत बच्चे तंबाकू की लत का शिकार है, जबकि हर साल 5500 लोग रोजाना तंबाकू का सेवन शुरू करते हैं।
इस सर्वे पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी स्कूलों को तंबाकू मुक्त पाठशाला घोषित किया जाए। इस अभियान के अंतर्गत तंबाकू नियंत्रण कानून की धारा-4 के अनुसार न केवल विद्यालयों के भीतर कई ‘गैर धूम्रपान क्षेत्र’ संकेतक लगाया जाना है, बल्कि इस कानून की धारा-6बी के अनुसार विद्यालय के मुख्य द्वार पर ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ के संकेतक के माध्यम से यह संदेश भी देना होगा कि विद्यालय के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री दंडनीय अपराध है।
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किशोरों में तंबाकू के प्रति बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर हरियाणा शिक्षा विभाग चिंतित है। दूसरी ओर, विभाग ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे को अपनी इस मुहिम का आधार बनाया है, जिसमें यह सामने आया है कि प्रतिवर्ष देश में 10 लाख से अधिक भारतीयों की मृत्यु की वजह तंबाकू जनित बीमारियां बनती है, जिनमें 15000 लोग हरियाणा के शामिल होते हैं। ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के मुताबिक, भारत में 13 से 15 वर्ष की उम्र के 14 प्रतिशत बच्चे तंबाकू की लत का शिकार है, जबकि हर साल 5500 लोग रोजाना तंबाकू का सेवन शुरू करते हैं।
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इस सर्वे पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी स्कूलों को तंबाकू मुक्त पाठशाला घोषित किया जाए। इस अभियान के अंतर्गत तंबाकू नियंत्रण कानून की धारा-4 के अनुसार न केवल विद्यालयों के भीतर कई ‘गैर धूम्रपान क्षेत्र’ संकेतक लगाया जाना है, बल्कि इस कानून की धारा-6बी के अनुसार विद्यालय के मुख्य द्वार पर ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ के संकेतक के माध्यम से यह संदेश भी देना होगा कि विद्यालय के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री दंडनीय अपराध है।
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