हरियाणा: ITO बैराज के गेट नहीं खोलने का हरियाणा ने लिया संज्ञान, बनाई चीफ इंजीनियरों की कमेटी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस मामले में हरियाणा सरकार पूरी निष्पक्षता के साथ आईटीओ बैराज के 5 गेट नहीं खुलने के मामले की सत्यता को जानना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों को पूरी गंभीरता के साथ राहत पहुंचाने में लगी हुई है।
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आईटीओ बैराज के 32 में से पांच गेट नहीं खुलने के मामले पर हरियाणा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिंचाई विभाग के दो चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। मुख्यमंत्री ने कमेटी को आदेश दिया है कि इस मामले की गहनता से जांच करके 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपे।
दिल्ली में घुसे बाढ़ के पानी को बाहर निकालने के लिए आईटीओ ब्रिज बैराज के सभी गेट खोलने जरूरी थी। इनमें से पांच गेट जाम थे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा था कि आईटीओ बैराज पर 32 में पांच गेट बंद हैं। इन्हें हरियाणा सरकार संभालती है। इनके बंद होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है।
यमुना का पानी तेजी से ओखला बैराज से होते हुए दिल्ली से बाहर निकल सके इसके लिए आईटीओ ब्रिज बैराज के पांच बंद गेट खोलने जरूरी थे। हालांकि इनमें से एक गेट को खोल दिया गया। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि गोताखोर टीम ने पानी के नीचे से सिल्ट कंप्रेसर द्वारा निकाली, फिर हाईड्रा क्रेन से गेट को खींचा गया। बाकी गेट भी जल्द खोल दिए जाएंगे।
दिल्ली मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा संचालित इन पांच गेटों को पिछले कई दशक से नहीं खोला गया। उनसे इस बैराज का संचालन दिल्ली सरकार को देने का कई बार आग्रह भी किया गया है। अब एक बार फिर से हरिणाया सरकार से यह मांग की जाएगी।
वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस मामले में हरियाणा सरकार पूरी निष्पक्षता के साथ आईटीओ बैराज के 5 गेट नहीं खुलने के मामले की सत्यता को जानना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों को पूरी गंभीरता के साथ राहत पहुंचाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों को भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। इस विषय पर सभी प्रदेशों की सरकारों को एकजुटता दिखाते हुए काम करना चाहिए और एक दूसरे पर दोषारोपण से बचना चाहिए क्योंकि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और इसकी इसकी मार हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, यूपी और दिल्ली सहित कई राज्यों को झेलनी पड़ रही है।