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रंग लाया रेवाड़ी की बेटियों का संघर्ष, झुक गई हरियाणा सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
Updated Thu, 18 May 2017 09:09 AM IST
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अनशन करती छात्राएं, सीएम मनोहर लाल
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अपने हक और अपनी सुरक्षा के लिए 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी छात्राएं अस्पताल पहुंच गई, उसके बाद सरकार मानी। अब उनकी मांग को पूरा किया जाएगा। इसके तहत हरियाणा की बीजेपी सरकार छात्राओं के स्कूल को अपग्रेड करके 10वीं से 12वीं करेगी। इस कवायद को जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा।
इसके चलते अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं सरकार मनचलों पर लगाम लगाने के लिए भी विशेष प्रयास करेगी। इसके लिए पुलिस को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। गौरतलब है कि रेवाड़ी के गांव गोठड़ा ठप्पा डहीना के स्कूल की छात्राएं पिछले 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी थीं।
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इसके चलते अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं सरकार मनचलों पर लगाम लगाने के लिए भी विशेष प्रयास करेगी। इसके लिए पुलिस को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। गौरतलब है कि रेवाड़ी के गांव गोठड़ा ठप्पा डहीना के स्कूल की छात्राएं पिछले 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी थीं।
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आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था
भूख हड़ताल पर बैठी रेवाड़ी की छात्राएं
लड़कियों की सिर्फ इतनी मांग थी कि गांव के स्कूल को दसवीं से बारहवीं तक कर दिया जाए। स्कूल 10वीं तक का ही है, जिसके चलते उनको आगे की पढ़ाई के लिए 3 किलोमीटर दूर गांव कंवाली में जाना पड़ता है।
छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में आते-जाते समय रास्ते में मनचले उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। सरपंच सुरेश चौहान ने बताया कि छेड़छाड़ की घटनाओं से त्रस्त होकर ही लड़कियों ने ये कदम उठाया है। वाहन की सुविधा के अभाव में वो पैदाल ही स्कूल जाने को मजबूर हैं।
हेलमेट पहने हुए आदमी लड़कियों के पास से बाइक से गुज़रते हैं और उनके साथ छेड़-छाड़ करते हैं। चेहरा न देख पाने के कारण वो अकसर बच निकलते हैं। पिछले साल एक लड़की को उठाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया था।
छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में आते-जाते समय रास्ते में मनचले उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। सरपंच सुरेश चौहान ने बताया कि छेड़छाड़ की घटनाओं से त्रस्त होकर ही लड़कियों ने ये कदम उठाया है। वाहन की सुविधा के अभाव में वो पैदाल ही स्कूल जाने को मजबूर हैं।
हेलमेट पहने हुए आदमी लड़कियों के पास से बाइक से गुज़रते हैं और उनके साथ छेड़-छाड़ करते हैं। चेहरा न देख पाने के कारण वो अकसर बच निकलते हैं। पिछले साल एक लड़की को उठाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया था।