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जाट आंदोलनः सरकार ने तैयार किया बातचीत का मसौदा, खास बात पर हो रहा विचार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:23 AM IST
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धरने पर डटे जाट
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में जारी जाट आंदोलन के बीच आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए सरकार ने मसौदा तो तैयार कर लिया है। वहीं, सरकार एक खास बात पर विचार कर रही है। फिलहाल बातचीत के लिए स्थान और तारीख भी तय नहीं की गई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पहले ही चंडीगढ़ और दिल्ली में वार्ता से इंकार कर दिया है।
दूसरी तरफ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आंदोलन में शामिल संगठनों को बातचीत के लिए खुला आमंत्रण दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में जाटों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, पिछले आंदोलन के दौरान हिंसा के बीच मरे लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों पर भी विचार के बाद इस संबंध में कानूनी राय ली जा रही है।
मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी की वीरवार को हुई बैठक में आंदोलनकारियों की तरफ से रखी गई शर्तों पर मंत्रणा हुई। जाट संगठनों की ओर से की गई मुकदमे वापस लेने की मांग सहित अन्य पक्षों पर कानूनविदों से भी राय ली जा रही है। पहले सरकार ने कांट्रैक्ट के आधार पर नौकरी देने की सिफारिश की थी, लेकिन माना जा रहा है कि इससे इंकार किए जाने पर अब उन्हें सरकारी नौकरी देने पर भी विचार हो रहा है।
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दूसरी तरफ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आंदोलन में शामिल संगठनों को बातचीत के लिए खुला आमंत्रण दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में जाटों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, पिछले आंदोलन के दौरान हिंसा के बीच मरे लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों पर भी विचार के बाद इस संबंध में कानूनी राय ली जा रही है।
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मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी की वीरवार को हुई बैठक में आंदोलनकारियों की तरफ से रखी गई शर्तों पर मंत्रणा हुई। जाट संगठनों की ओर से की गई मुकदमे वापस लेने की मांग सहित अन्य पक्षों पर कानूनविदों से भी राय ली जा रही है। पहले सरकार ने कांट्रैक्ट के आधार पर नौकरी देने की सिफारिश की थी, लेकिन माना जा रहा है कि इससे इंकार किए जाने पर अब उन्हें सरकारी नौकरी देने पर भी विचार हो रहा है।
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पश्चिम यूपी में मतदान से पहले आंदोलन ठंडा करने की कोशिश
धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में जाट आरक्षण की मांगों को लेकर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों के रुख को देखते हुए सरकार की भी कोशिश है कि विधानसभा चुनाव के तहत पश्चिम यूपी में मतदान से पहले ही आंदोलन को ठंडा कर दिया जाए। ताकि यूपी के चुनाव पर हरियाणा के जाट आंदोलन का प्रतिकूल असर न पड़े। हालांकि वार्ता के लिए स्थान और वक्त को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति है। माना जा रहा है कि रविवार से पहले दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद हरियाणा में जारी आंदोलन समाप्त करने की दिशा में अहम फैसला ले लिया जाएगा।
रोहतक के आसपास हो बातचीत : मलिक
जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा है कि सभी सात प्रमुख मांगें माने जाने के बाद ही आंदोलनकारी धरने से हटेंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए जगह को लेकर फैसला सरकार की कमेटी ही करेगी। उन्होंने कहा कि रोहतक के आसपास 50 किलोमीटर के दायरे में अगर बातचीत हो तो इसमें दोनों पक्षों की बातें अधिक साफगोई से हो सकेंगी।
स्थान और तारीख तय करने पर भी बनाएंगे सहमति
हरियाणा सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास का कहना है कि बातचीत के लिए आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से खुला आमंत्रण है। इसके लिए मुख्य सचिव को आवेदन देकर, बातचीत के लिए स्थान और तारीख तय की जाएगी। इस पर भी कमेटी और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
रोहतक के आसपास हो बातचीत : मलिक
जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा है कि सभी सात प्रमुख मांगें माने जाने के बाद ही आंदोलनकारी धरने से हटेंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए जगह को लेकर फैसला सरकार की कमेटी ही करेगी। उन्होंने कहा कि रोहतक के आसपास 50 किलोमीटर के दायरे में अगर बातचीत हो तो इसमें दोनों पक्षों की बातें अधिक साफगोई से हो सकेंगी।
स्थान और तारीख तय करने पर भी बनाएंगे सहमति
हरियाणा सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास का कहना है कि बातचीत के लिए आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से खुला आमंत्रण है। इसके लिए मुख्य सचिव को आवेदन देकर, बातचीत के लिए स्थान और तारीख तय की जाएगी। इस पर भी कमेटी और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।