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इस राज्य में घर बनाना हुआ मुश्किल, नक्शा पास कराने का शुल्क बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Oct 2016 10:05 PM IST
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
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देश के इस राज्य में अब घर बनाना मुश्किल हो गया है। नक्शा पास कराने के लिए दी जाने वाली फीस में इजाफा कर दिया गया है। ऐसा करते समय सरकार ने विधायकों के स्टडी ग्रुप की सिफारिशों को भी किनारे कर दिया गया।
स्टडी ग्रुप में विधायक ज्ञान चंद गुप्ता और मंत्री मनीष ग्रोवर सहित अन्य विधायक भी शामिल थे। स्टडी ग्रुप यह दरें अधिक बढ़ाने के पक्ष में नहीं था, लेकिन अब दरें बढ़ जाने के बाद विधायकों ने अंदरखाते इनका विरोध शुरू कर दिया है। संभव है विरोध के चलते सरकार को यह दरें घटानी पड़ जाएं।
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स्टडी ग्रुप में विधायक ज्ञान चंद गुप्ता और मंत्री मनीष ग्रोवर सहित अन्य विधायक भी शामिल थे। स्टडी ग्रुप यह दरें अधिक बढ़ाने के पक्ष में नहीं था, लेकिन अब दरें बढ़ जाने के बाद विधायकों ने अंदरखाते इनका विरोध शुरू कर दिया है। संभव है विरोध के चलते सरकार को यह दरें घटानी पड़ जाएं।
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100 गज के प्लॉट के लिए देने होंगे एक लाख
17 महीनों बाद हुई बढ़ोतरी
- फोटो : Getty
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अनियमित कालोनियों को नियमित करने की स्कीम के तहत यह दरें बढ़ाई जानी थी। बढ़ी हुए विकास शुल्क से सरकार इन कालोनियों में सुविधाएं देने का काम करती, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते सभी के लिए यह सर्कुलर जारी हो गया। जिसके बाद से कई विधायक अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
अभी तक रिहायशी प्लाटों पर प्रति वर्ग गज के हिसाब से नक्शा पास करवाने के लिए 120 रुपये के हिसाब से शुल्क जमा करवाना होता था। जो कि बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। लिहाजा 100 गज के प्लाट के लिए पहले जहां 12 हजार की रकम देनी होती थी अब एक लाख रुपये देने होंगे। वाणिज्यक गतिविधियों के लिए यह शुल्क अच्छा खासा बढ़ाया गया है।
अभी तक रिहायशी प्लाटों पर प्रति वर्ग गज के हिसाब से नक्शा पास करवाने के लिए 120 रुपये के हिसाब से शुल्क जमा करवाना होता था। जो कि बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। लिहाजा 100 गज के प्लाट के लिए पहले जहां 12 हजार की रकम देनी होती थी अब एक लाख रुपये देने होंगे। वाणिज्यक गतिविधियों के लिए यह शुल्क अच्छा खासा बढ़ाया गया है।
दबाव बढ़ता देख राशि कम करने पर विचार
पंचकूला में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
उधर, विधायकों का दबाव बढ़ता देख सरकार इस राशि को कम करने पर विचार कर रही है, लेकिन कम होने बावजूद भी यह दरें पहले जितनी कम नहीं होंगी। बता दें नक्शा पास किए बिना भवन निर्माण के लिए बैंक लोन भी स्वीकृत नहीं होता है।
सरकार कर रही विचार : कविता
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन का कहना है कि हम इस मसले पर विचार कर रहे हैं। शीघ्र ही यह दरें कम की जाएंगी।
ज्यादा दरें बढ़ाने की सिफारिश नहीं की थी : गुप्ता
पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि वह और मंत्री मनीष ग्रोवर स्टडी ग्रुप में हैं। हमने इतनी ज्यादा दरें बढ़ाने की सिफारिश नहीं की थी। मैं एक बार फिर से पूरा विषय देखता हूं।
इनेलो को एतराज
मसले पर नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा है कि स्थानीय निकाय क्षेत्रों में डवलपमेंट चार्जेज 120 रुपये प्रति गज से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति गज तक कर दिए गए हैं और लोगों से पिछले पांच वर्षों के चार्जेज अदा किए जाने की भी मांग की जा रही है। जो पूरी तरह से गलत है।
सरकार कर रही विचार : कविता
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन का कहना है कि हम इस मसले पर विचार कर रहे हैं। शीघ्र ही यह दरें कम की जाएंगी।
ज्यादा दरें बढ़ाने की सिफारिश नहीं की थी : गुप्ता
पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि वह और मंत्री मनीष ग्रोवर स्टडी ग्रुप में हैं। हमने इतनी ज्यादा दरें बढ़ाने की सिफारिश नहीं की थी। मैं एक बार फिर से पूरा विषय देखता हूं।
इनेलो को एतराज
मसले पर नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा है कि स्थानीय निकाय क्षेत्रों में डवलपमेंट चार्जेज 120 रुपये प्रति गज से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति गज तक कर दिए गए हैं और लोगों से पिछले पांच वर्षों के चार्जेज अदा किए जाने की भी मांग की जा रही है। जो पूरी तरह से गलत है।