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बड़ा फैसलाः हुडा का प्लॉट चाहिए तो तैयार रहें, अब इस तरीके से होगा आवंटन
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:05 AM IST
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अगर आपको भी हुडा का प्लॉट चाहिए तो तैयार हो जाइए। हरियाणा की खट्टर सरकार ने प्लॉट आवंटन के लिए एक नया तरीका अपनाने का फैसला किया है। इससे सरकार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करेगी। इसलिए अब नए प्लॉट का आवंटन वर्षों से चले आ रहे पैटर्न पर नहीं होगा। आवंटन के लिए पर्ची सिस्टम नहीं चलेगा।
सरकार प्रदेश में हुडा के आवासीय, औद्योगिक व वाणिज्यिक श्रेणी के प्लाट आवंटित करने के लिए विज्ञापन निकालेगी। उसमें प्लाटों की संख्या और जिलों में चिह्नित स्थान का पूरा ब्यौरा दे दिया जाएगा। इसमें स्पष्ट होगा कि निर्धारित प्लॉट के आवंटन के लिए कोई पर्ची नहीं डाली जाएगी। जो पहले ऑनलाइन आवेदन करेगा, उसी को प्लॉट मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन उतने ही लिए जाएंगे, जितने प्लाट होंगे। आवेदनों की क्त्रस्म संख्या ऑनलाइन रहेगी ताकि चहेतों को फायदा न पहुंचाया जा सके। सरकार रिज्यूम प्लॉटों के दोबारा आवंटन के समय रेट में होने वाले खेल को भी रोकने जा रही है। इसके लिए नो इनहांसमेंट पॉलिसी जल्द लागू होगी, ताकि आवेदकों को लुटने से बचाया जा सके।
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आवेदन आने के बाद जिस जिले में जहां पर प्लॉट चिन्हित होंगे, आवेदकों को मौके पर बुलाकर वहीं उनकी मांग अनुसार प्लॉट दिए जाएंगे। रिज्यूम प्लाट के फिर से आवंटन के समय जो रेट प्लॉट के विज्ञापन में आकार अनुसार मार्किट दर पर निर्धारित किया गया है, उसी पर प्लॉट आवंटित किया जाएगा। बोली के जरिए प्लाट की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुडा का चेयरमैन होने के नाते प्लॉट आवंटन को लेकर तीन साल के कार्यकाल में मिली शिकायतों और फीडबैक के आधार पर नई नीति लाने का निर्णय लिया है। इसमें नए प्लाट के लिए पहले आओ, पहले पाओ प्लाट आवंटन का मुख्य आधार रहेगा।
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सरकार प्रदेश में हुडा के आवासीय, औद्योगिक व वाणिज्यिक श्रेणी के प्लाट आवंटित करने के लिए विज्ञापन निकालेगी। उसमें प्लाटों की संख्या और जिलों में चिह्नित स्थान का पूरा ब्यौरा दे दिया जाएगा। इसमें स्पष्ट होगा कि निर्धारित प्लॉट के आवंटन के लिए कोई पर्ची नहीं डाली जाएगी। जो पहले ऑनलाइन आवेदन करेगा, उसी को प्लॉट मिलेगा।
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ऑनलाइन आवेदन उतने ही लिए जाएंगे, जितने प्लाट होंगे। आवेदनों की क्त्रस्म संख्या ऑनलाइन रहेगी ताकि चहेतों को फायदा न पहुंचाया जा सके। सरकार रिज्यूम प्लॉटों के दोबारा आवंटन के समय रेट में होने वाले खेल को भी रोकने जा रही है। इसके लिए नो इनहांसमेंट पॉलिसी जल्द लागू होगी, ताकि आवेदकों को लुटने से बचाया जा सके।
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आवेदन आने के बाद जिस जिले में जहां पर प्लॉट चिन्हित होंगे, आवेदकों को मौके पर बुलाकर वहीं उनकी मांग अनुसार प्लॉट दिए जाएंगे। रिज्यूम प्लाट के फिर से आवंटन के समय जो रेट प्लॉट के विज्ञापन में आकार अनुसार मार्किट दर पर निर्धारित किया गया है, उसी पर प्लॉट आवंटित किया जाएगा। बोली के जरिए प्लाट की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुडा का चेयरमैन होने के नाते प्लॉट आवंटन को लेकर तीन साल के कार्यकाल में मिली शिकायतों और फीडबैक के आधार पर नई नीति लाने का निर्णय लिया है। इसमें नए प्लाट के लिए पहले आओ, पहले पाओ प्लाट आवंटन का मुख्य आधार रहेगा।
औद्योगिक प्लाट आवंटन मामले में सीबीआई जांच चल रही
bhupinder singh hooda
बता दें कि हुडा के औद्योगिक प्लाट आवंटन मामले में सीबीआई जांच चल रही है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा पर भी मामला दर्ज है। नेशनल हेराल्ड प्लाट आवंटन घोटाले में भी सीबीआई केस दर्ज कर चुकी है। इसमें भी पूर्व सीएम को नामजद किया गया है। इसके अलावा चहेतों को प्लाट आवंटन के अनेक घोटाले सामने आ चुके हैं। जिनकी जांच जारी है। हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है।
बाबुओं तक के दो-दो प्लाट
हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अब तक मिली जानकारी के अनुसार हुडा के बाबुओं व अन्य कर्मियों तक के दो-दो प्लाट हैं। पर्ची सिस्टम में हेराफेरी और चहेतों को ही फायदा पहुंचाने की भी अनेकों शिकायतें सरकार के पास आई थीं। हुडा कर्मियों ने खुद और रिश्तेदारों का भी प्लाट आवंटन में गड़बड़झाला कर खूब आर्थिक उत्थान किया है। सीएम ने पूरे अध्ययन के बाद ही यह सारा सिस्टम और दलालों का रैकेट हुडा में तोड़ने के लिए नया प्लान बनाया है।
मेरे कोई सोनू-मोनू नहीं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है। हुडा के प्लाट आवंटन में गड़बड़ी के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। सरकार नई नीति ला रही है। प्लाट मौके पर काटकर सीधे आवेदकों को देंगे। इस तरह की नीति एचएसआईआईडीसी में लागू कर चुके हैं। उनका उद्देश्य लोगों को सुशासन प्रदान करना है, चूंकि उन्होंने कोई संपत्ति किसी के लिए नहीं बनानी है। उनके कोई सोनू-मोनू नहीं हैं। सोनू-मोनू के नाम पर लूट अब नहीं चलने देंगे।
बाबुओं तक के दो-दो प्लाट
हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अब तक मिली जानकारी के अनुसार हुडा के बाबुओं व अन्य कर्मियों तक के दो-दो प्लाट हैं। पर्ची सिस्टम में हेराफेरी और चहेतों को ही फायदा पहुंचाने की भी अनेकों शिकायतें सरकार के पास आई थीं। हुडा कर्मियों ने खुद और रिश्तेदारों का भी प्लाट आवंटन में गड़बड़झाला कर खूब आर्थिक उत्थान किया है। सीएम ने पूरे अध्ययन के बाद ही यह सारा सिस्टम और दलालों का रैकेट हुडा में तोड़ने के लिए नया प्लान बनाया है।
मेरे कोई सोनू-मोनू नहीं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है। हुडा के प्लाट आवंटन में गड़बड़ी के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। सरकार नई नीति ला रही है। प्लाट मौके पर काटकर सीधे आवेदकों को देंगे। इस तरह की नीति एचएसआईआईडीसी में लागू कर चुके हैं। उनका उद्देश्य लोगों को सुशासन प्रदान करना है, चूंकि उन्होंने कोई संपत्ति किसी के लिए नहीं बनानी है। उनके कोई सोनू-मोनू नहीं हैं। सोनू-मोनू के नाम पर लूट अब नहीं चलने देंगे।