{"_id":"606613107e17e31d0042f651","slug":"haryana-governor-approved-the-damage-recovery-bill-2021","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधेयक को राज्यपाल ने दी मंजूरी : हरियाणा में अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधेयक को राज्यपाल ने दी मंजूरी : हरियाणा में अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली
Fri, 02 Apr 2021 12:13 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Apr 2021 12:13 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ।
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से अब नए कानून के तहत वसूली हो सकेगी। साथ ही हर्जाना राशि नहीं दिए जाने पर उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकेगी। क्षति वसूली विधेयक को विधानसभा के बाद अब राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने भी मंजूरी दे दी है। गुरुवार को राज्यपाल ने हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक, 2021 को मंजूरी दी।
विज्ञापन
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नुकसान की मुआवजे के आवेदन पर निर्णय लेने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक या एक से अधिक दावा अधिकरण (क्लेम ट्रिब्यूनल) का गठन करेगी। क्लेम ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विसेज के एक अधिकारी द्वारा की जाएगी, जिसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से नामित किया जाएगा और इसमें दो या दो से अधिक सदस्य हो सकते हैं।
विज्ञापन
ट्रिब्यूनल के अन्य सदस्य राज्य सरकार के अधिकारियों में से होंगे, जो अतिरिक्त उपायुक्त के रैंक से नीचे नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल देयता का निर्धारण करेगा, उसके पास भेजे गए मुआवजे के दावों का आंकलन करेगा और मुआवजा का मौद्रिक मूल्य निर्धारित करेगा। उसके बाद, उससे संबंधित या उसके अतिरिक्त उपयुक्त मुआवजे का अवार्ड करेगा। गौरतलब है कि बजट सत्र में सरकार की ओर से विधानसभा में यह विधेयक पेश किया गया था। कांग्रेस ने इसका विरोध किया था, संख्या बल पर इसे पारित किया गया था।
विज्ञापन