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राम रहीम को वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनाई जाए सजा, हरियाणा सरकार कोर्ट से करेगी आग्रह

Tue, 15 Jan 2019 12:12 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Jan 2019 12:12 AM IST
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Haryana government will urge to cbi court for video conferencing in Chhatrapati murder case
राम रहीम - फोटो : self

हरियाणा सरकार सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार राम रहीम को वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही सजा सुनाने का आग्रह सीबीआई कोर्ट से करेगी। मंगलवार को सरकार की ओर से कोर्ट में इसके लिए अर्जी दायर की जाएगी। सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया है। गृह सचिव एसएस प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार शाम सचिवालय में बैठक हुई। 

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इसमें पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। सर्वसम्मति से यह राय बनी कि सीबीआई कोर्ट से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही राम रहीम को सजा सुनाने का अनुरोध करें। एसएस प्रसाद ने बताया कि राम रहीम को सजा सुनाने के लिए पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में पेश करने की जगह वीडियो कांफ्रेंसिंग से 17 जनवरी को सुनवाई कराने पर सहमति बनी है। 
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अंतिम निर्णय कोर्ट को लेना है। सरकार अपनी राय से अर्जी दायर कर कोर्ट को अवगत कराने जा रही है। बैठक में रोहतक की सुनारिया जेल में कोर्ट लगाने की भी संभावना तलाशी गई। इसमें यह बात उठी कि राम रहीम के अलावा बाकी 3 आरोपियों को सुनारिया जेल ले लाना पड़ेगा। जिस पर कोर्ट को सुनारिया ले जाने की जगह वीडियो कांफ्रेंसिंग का विकल्प उचित माना गया। प्रसाद ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति खराब नही होने देंगे। कोर्ट सरकार की अर्जी पर जो भी फैसला दे, सरकार की पूरी तैयारी है।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग से भी पूरा होता है लॉ ऑफ नेचुरल जस्टिस
गृह सचिव एसएस प्रसाद ने कहा कि किसी भी मामले में दोषी को सजा सुनाने को लेकर जब कानून बना था, उस समय वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा नहीं थी। सजा सुनाते वक्त व्यक्तिगत रूप से पेश होने का प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि दोषी अंतिम बार अपना पक्ष रख सके। कानूनन, यह प्रक्रिया वीडियो कांफ्रेंसिंग से अब पूरी की जा सकती है।


अदालत में दोषी राम रहीम के वकील तो मौजूद रहेंगे ही और वह वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश हो जाएगा। उच्च स्तरीय बैठक में लंबी चर्चा और कानूनी पहलुओं को खंगालने के बाद ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने पर आमराय बनी है।

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