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Haryana: मोटे अनाज को बढ़ावा देगी सरकार, मिड-डे मिल और पर्यटन केंद्रों में इससे बने पकवान परोसने की तैयारी

Wed, 21 Dec 2022 01:35 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 21 Dec 2022 01:35 AM IST
सार

हरियाणा में मुख्य रूप से बाजरा फसल को ही मोटे अनाज के रूप में उगाया जाता है। बाजरा/ज्वार पोषक अनाज से अपार संभावनाएं हैं। यह गेहूं और चावल की तुलना में कम कार्बन अपशिष्ट के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

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Haryana government will promote coarse grains
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

हरियाणा सरकार मोटे अनाज (मिलेट्स) को बढ़ावा देगी। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन के साथ-साथ फसल उगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मिलेट्स मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर डॉ. खादर अली के साथ मिलकर प्रदेश सरकार कार्यशाला और शिविर लगाए लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी पर्यटन केंद्रों के मेन्यू में भी मोटे अनाज को शामिल करने की तैयारी है। जल्द ही इस पर सरकार नीति बनाने जा रही है। वहीं, मोटे अनाज के खाने को बढ़ावा देने लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 27 दिसंबर को विधायकों को मिलेट्स का खाना खिलाया जाएगा। 

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यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने हरियाणा निवास में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। इस मौके पर डॉ. खादर अली भी उनके साथ मौजूद रहे। दलाल ने कहा कि भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसी कड़ी में हरियाणा एक कदम आगे बढ़ा रहा है। 
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में मुख्य रूप से बाजरा फसल को ही मोटे अनाज के रूप में उगाया जाता है। बाजरा/ज्वार पोषक अनाज से अपार संभावनाएं हैं। यह गेहूं और चावल की तुलना में कम कार्बन अपशिष्ट के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

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इसके लिए कृषि विभाग में 2023 के लिए विशेष रूप से कार्यशालाओं गोष्ठी, मेले व प्रशिक्षण शिविरों के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। ताकि इन फसलों को पीडीएस, मिड-डे मील व अन्य राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों की खाद्य आदतों में शामिल किया जा सके।

बीमारियां होती हैं खत्म
इस अवसर पर डॉ. खादर अली (मिलेट मैन ऑफ इंडिया) ने कहा कि मोटे अनाज (मिलेट्स) की पौष्टिकता के महत्व बारे लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। पोषक-अनाज से काफी बीमारियां खत्म हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह अनाज शरीर को पोषण देने और ठीक करने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। बड़ी मात्रा में फाइबर, खनिज और प्रोटीन से युक्त, ये अनाज पोषण का एक पावर हाउस हैं। जो प्रचलित जीवनशैली रोगों का इलाज और प्रबंधन कर सकता है जैसे कि मधुमेह, रक्त शर्करा, उच्च रक्तचाप, हाईपरथायरायडिज्म आदि है। 

उन्होंने कह कि भोजन में कोदरा, कंगनी, कुटकी, स्वंक, हरी कंगनी, ज्वार, बाजरा, रागी और चीना आदि का प्रयोग करना चाहिए। स्वस्थ भोजन बीमारियों को कंट्रोल करता है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य भंडारण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ शालीन, खेती विरासत मिशन से उमेंद्र दत्त सहित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहें। 

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