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हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, जोखिम भत्ते पर जल्द मुहर लगाने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Apr 2017 09:14 AM IST
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के 40 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को सरकार जल्द बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। पूर्व हुड्डा सरकार में इनके लिए शुरू हुए पांच हजार रुपये के मासिक जोखिम भत्ते को खट्टर सरकार भी जारी रखने का मन बना चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल जल्दी ही इसे जारी रखने की घोषणा कर सकते हैं।
पूर्व सरकार के समय से मिल रहे जोखिम भत्ते की मियाद 31 मार्च को खत्म हो चुकी है। अप्रैल महीने के वेतन में तो पांच हजार रुपये जुड़कर आएंगे, लेकिन अगर सरकार ने इसे जारी रखने के आदेश नहीं दिए तो मई माह का वेतन बिना भत्ते के मिलेगा, जिससे कर्मियों का बजट बिगड़ना तय है, चूंकि पुलिस कर्मी लंबे समय से पंजाब समान वेतनमान देने की मांग करते आ रहे हैं। पूर्व हुड्डा सरकार ने दूसरा कार्यकाल पूरा होने से कुछ समय पहले गोहाना रैली में वेतन के अलावा प्रति माह पांच हजार रुपए जोखिम भत्ता देने का एलान किया था। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक को इसका लाभ 31 मार्च 2017 तक देने की घोषणा की गई थी।
भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस फैसले को नहीं पलटा। अब अवधि पूरी होने पर सरकार में इसे लेकर सैद्धांतिक निर्णय लिया जा चुका है। पुलिस कर्मियों के संगठनों ने भी सीएम से मुलाकात कर इसे जारी रखने के साथ ही बढ़ाने मांग की है। इस पर अब सीएम को घोषणा से पहले मंत्रिमंडल की सहमति बनानी है। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वेदपाल सिंधु ने बताया कि सरकार जोखिम भत्ता जारी रखे। पंजाब समान वेतनमान की मांग पूरी न होने तक इसे बढ़ाकर देना चाहिए।
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पूर्व सरकार के समय से मिल रहे जोखिम भत्ते की मियाद 31 मार्च को खत्म हो चुकी है। अप्रैल महीने के वेतन में तो पांच हजार रुपये जुड़कर आएंगे, लेकिन अगर सरकार ने इसे जारी रखने के आदेश नहीं दिए तो मई माह का वेतन बिना भत्ते के मिलेगा, जिससे कर्मियों का बजट बिगड़ना तय है, चूंकि पुलिस कर्मी लंबे समय से पंजाब समान वेतनमान देने की मांग करते आ रहे हैं। पूर्व हुड्डा सरकार ने दूसरा कार्यकाल पूरा होने से कुछ समय पहले गोहाना रैली में वेतन के अलावा प्रति माह पांच हजार रुपए जोखिम भत्ता देने का एलान किया था। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक को इसका लाभ 31 मार्च 2017 तक देने की घोषणा की गई थी।
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भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस फैसले को नहीं पलटा। अब अवधि पूरी होने पर सरकार में इसे लेकर सैद्धांतिक निर्णय लिया जा चुका है। पुलिस कर्मियों के संगठनों ने भी सीएम से मुलाकात कर इसे जारी रखने के साथ ही बढ़ाने मांग की है। इस पर अब सीएम को घोषणा से पहले मंत्रिमंडल की सहमति बनानी है। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वेदपाल सिंधु ने बताया कि सरकार जोखिम भत्ता जारी रखे। पंजाब समान वेतनमान की मांग पूरी न होने तक इसे बढ़ाकर देना चाहिए।
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