हरियाणा: 40 हजार पदों की भर्ती होगी सुरक्षित, पेपर लीक करने वालों पर कसेगा शिकंजा, नया कानून जल्द
हरियाणा में अभी पेपर लीक मामले में धारा 120बी, 420, 468, 471 के तहत केस दर्ज होता है। 120बी के तहत 6 माह कैद, जुर्माना, 420 के अनुसार, 7 साल कैद व जुर्माना और धारा 468 के तहत दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल पर एक अवधि तक जेल होती है। 471 के तहत 2 साल तक की सजा का प्रावधान है। इन मामलों में अक्सर दो से तीन माह में आरोपियों की जमानत हो जाती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में पेपर लीक करने वालों पर सख्ती से शिकंजा कसने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारी कर ली है। मानसून सत्र में नकल विरोधी नया कानून लाने के लिए सरकार ने ड्राफ्ट तैयार करके विधानसभा को भेज दिया है। इसे हरियाणा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक का नाम दिया है।
विधेयक में पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा और उनकी प्रॉपर्टी अटैच का प्रावधान है। सरकार की मंशा है कि विधानसभा में विधेयक पास होने के बाद नए कानून को एक माह में ही लागू कराया जाए, ताकि एचएसएससी द्वारा सितंबर से लेकर दिसंबर तक होने वाली करीब 40 हजार पदों की भर्ती की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सात अगस्त को पुलिस सिपाही भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होने से सरकार की चिंता और बढ़ गई। इससे पहले फरवरी में ग्राम सचिव का पेपर भी लीक हो गया था। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्यमंत्री को सौंपा है। गुरुवार को खुद एचएसससी के चेयरमैन भोपाल सिंह आयोग के सभी सदस्यों के साथ दोनों से मिले और इसी सत्र में विधेयक लाने की मांग की।
राज्यपाल दे सकते हैं मंजूरी
नियमों के अनुसार, विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि यह राज्यपाल पर निर्भर करता है कि वह इसे राष्ट्रपति को भेजें या नहीं। राज्यपाल खुद भी इसे मंजूरी दे सकते हैं। सरकार चाहती है कि यह विधेयक कानून बनकर एक माह में लागू हो जाए।
पेपर लीक मामला बड़ी चुनौती है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से प्रस्ताव मिला है। नया कानून बनने से दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और यकीनन इससे पेपर लीक पर रोक लगेगी। हमारा प्रयास है कि इसके लिए जल्दी से कानून बन सके। - कंवर पाल गुर्जर, संसदीय कार्यमंत्री।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल गुर्जर को प्रस्ताव सौंपा है। आश्वासन मिला है इसी विस सत्र में नकल रोकने को विधेयक लाया जाएगा। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।