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पुलिस एक्ट पर हरियाणा सरकार तलब, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 20 Jan 2017 07:55 PM IST
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हाईकोर्ट
- फोटो : file photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस एक्ट को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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इस मामले में हरियाणा के एक पूर्व एचसीएस अधिकारी प्रेम चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा पुलिस एक्ट 2007 के उन प्रावधानों को रद करने की अपील की है, जिसके तहत पुलिस को डीएम की कार्यकारी शक्तियों केप्रयोग की अनुमति दी गई है।
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याची ने कहा कि प्रावधानों के तहत सरकार ने पुलिस कमिश्नर को जो आईजी या उच्च अधिकारी होता है, उसे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की शक्ति दी है। ऐसे में जिस रेंज में कमिश्नर होगा, वहां डीएम की शक्तियां कम हो जाएंगी।
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‘हरियाणा पुलिस एक्ट प्रशासन को कमजोर बनाने वाला’
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व्यवस्था को नियंत्रित करने की शक्तियां पुलिस के पास आना व्यवस्था में संतुलन के लिए खतरनाक स्थिति है। इस प्रोविजन के लागू होने से बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद नहीं की जा सकती। सीआरपीसी में जो शक्तियां डीसी को दी गई हैं, उन्हें पुलिस को हस्तांतरित करना सीधे तौर पर पुलिस को निरंकुश बनाना है।
याची ने जाट आरक्षण आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान स्थिति खराब इसलिए हुई क्योंकि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अपनी शक्तियों का सही प्रयोग नहीं कर पाए। ऐसी स्थिति में पुलिस ने मन मुताबिक काम किया और स्थिति इतनी भयावह हो गई कि हरियाणा के इतिहास मे काले अध्याय के रूप में जुड़ गई।
प्रकाश सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट में पुलिस के फेल होने पर टिप्पणी की थी। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि हाईकोर्ट आपत्ति वाले इन प्रावधानाें को रद करने केलिए हरियाणा सरकार को आदेश जारी करे। साथ ही हरियाणा पुलिस बिल पर सरकार काम करे ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस बल में सुधार किया जा सके।
याची ने जाट आरक्षण आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान स्थिति खराब इसलिए हुई क्योंकि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अपनी शक्तियों का सही प्रयोग नहीं कर पाए। ऐसी स्थिति में पुलिस ने मन मुताबिक काम किया और स्थिति इतनी भयावह हो गई कि हरियाणा के इतिहास मे काले अध्याय के रूप में जुड़ गई।
प्रकाश सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट में पुलिस के फेल होने पर टिप्पणी की थी। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि हाईकोर्ट आपत्ति वाले इन प्रावधानाें को रद करने केलिए हरियाणा सरकार को आदेश जारी करे। साथ ही हरियाणा पुलिस बिल पर सरकार काम करे ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस बल में सुधार किया जा सके।