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Haryana: जीएसटी नंबर लेने के साथ होगी बिल्डिंग की जियो टैगिंग, डमी कंपनियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
Tue, 04 Jul 2023 09:50 AM IST
निवेदिता वर्मा
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 04 Jul 2023 09:50 AM IST
सार
पंचकूला देश का पहला शहर है, जहां जीएसटी नंबर के साथ जियो टैगिंग की जा रही है। वहीं, सीबीआईसी के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में कई फर्जी कंपनियां हैं। इसमें ज्यादातर कारोबारी मेटल, प्लास्टिक स्क्रैप और रद्दी कागज वाले कारोबारी हैं।
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जीएसटी
विस्तार
हरियाणा में जीएसटी के अंदर अब फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के निर्देश पर राज्य सरकार ने जीएसटी नंबर लेने वालों की बिल्डिंग व उनके पते की जियो टैगिंग का काम शुरू कर दिया है। पंचकूला में जियो टैगिंग का काम शुरू किया जा चुका है। अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। जीएसटी विशेषज्ञ ने बताया कि इससे डमी कंपनियों व फर्जी जीएसटी नंबर पकड़ में आएगा और सरकार को चपत लगा रहे लोग आसानी से गिरफ्त में आएंगे।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि जीएसटी नंबर लेने के बाद जब एड्रेस की जियो टैगिंग होगी तो इससे पता चल जाएगा कि उस मकान या बिल्डिंग के पते पर कितने जीएसटी नंबर है। यदि किसी ने पहले से ही उस एड्रेस पर जीएसटी नंबर लिया है तो उसका ब्योरा पोर्टल में दिखने लगेगा। इससे फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाएगा और राजस्व को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
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चौटाला ने बताया कि पंचकूला देश का पहला शहर है, जहां जीएसटी नंबर के साथ जियो टैगिंग की जा रही है। वहीं, सीबीआईसी के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में कई फर्जी कंपनियां हैं। इसमें ज्यादातर कारोबारी मेटल, प्लास्टिक स्क्रैप और रद्दी कागज वाले कारोबारी हैं। जीएसटी विशेषज्ञ ने बताया कि ध्यान देने वाली बात यह है कि जियोकोडेड पते के विवरण को अपडेट करने से करदाता के खाते से जुड़े किसी भी मौजूदा पते में कोई बदलाव नहीं आएगा।
भारत से पहले इन देशों ने अपनाया
भारत से पहले जियोकोडिंग को संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ब्राजील ने अपनाया है, जहां यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य जीएसटी रिकॉर्ड में पते के विवरण की सटीकता सुनिश्चित और पता स्थान और सत्यापन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
क्या होती है जियो टैगिंग
डिजिटल युग में जियो टैगिंग का काफी महत्व है। जियो टैगिग का मतलब किसी भी काम की भौगोलिक स्थिति, फोटो, मैप और वीडियो के जरिए सटीक जानकारी देना है। इनका मुख्य उद्देश्य लोकेशन की सटीक जानकारी देना होता है।
इससे जीएसटी की चोरी खत्म होगी। कई लोग डमी कंपनी बनाकर जीएसटी की चोरी करते हैं। जिया टैगिंग से इस पर लगाम कसी जाएगी। - कपिल सब्बरवाल, सीए व जीएसटी विशेषज्ञ
भारत सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा को चुना है। पिछली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में इस पर फैसला हो गया था। पंचकूला में लगभग काम पूरा हो चुका है। जल्द ही इसे दूसरे शहरों में लागू करेंगे। - दुष्यंत चौटाला, उपमुख्यमंत्री हरियाणा