फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana government said Ram Rahim furlough has nothing to do with elections

हरियाणा: जेल से बाहर राम रहीम नहीं कर सकेगा ये काम, सरकार बोली- फरलो का चुनाव से नहीं कोई लेना-देना

Mon, 07 Feb 2022 10:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 07 Feb 2022 10:08 PM IST
सार

एक साल में एक बार ही फरलो पर जाया जा सकता है। लिहाजा अब वर्ष 2022 में राम रहीम दोबारा फरलो पर नहीं जा सकता है। अगले दो साल में दो और फरलो का प्रावधान है लेकिन वह दो सप्ताह से अधिक नहीं हो सकती। इसके अलावा पैरोल का प्रावधान है। जिसमें कृषि कार्य, मकान मरम्मत या फिर बच्चों के दाखिले का कारण बताया जाता है।

विज्ञापन
Haryana government said Ram Rahim furlough has nothing to do with elections
राम रहीम - फोटो : फाइल

विस्तार

रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरामुखी राम रहीम को सरकार ने भले ही फरलो पर बाहर भेज दिया है लेकिन पुलिस की कड़ी निगरानी में डेरामुखी को 24 घंटे रखा जाएगा। राम रहीम की पूरी जिम्मेदारी गुरुग्राम प्रशासन और पुलिस कमिश्नर की होगी। फरलो की शर्त में यह बात लिखित में मौजूद है।

विज्ञापन


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राम रहीम को ताकीद किया गया है कि वह अपनी फरलो के दौरान किसी समागम, श्रद्धालु दर्शन और गोष्ठी आदि में शामिल नहीं होगा। किसी तरह की ऑनलाइन या भौतिक संगोष्ठी में भी भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई है। राम रहीम को यह फरलो उसके आवेदन के आधार पर दी गई है। जिसमें साफ है कि वह अपने परिवार से मिलने गया है।
विज्ञापन


इस दौरान 21 दिन तक जहां वह रहेगा उसका पता भी उसी के माध्यम से दिया गया है। यह पता बदला नहीं जाएगा। यदि उसे कहीं अन्यत्र जाना होगा तो उसके लिए स्थानीय प्रशासन की अनुमति लेनी होगी लेकिन आमतौर पर प्रशासन इस तरह की अनुमति नहीं देता है। राम रहीम ने जो आवेदन किया है उसके तहत उसे तीन सप्ताह की फरलो दी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आचरण को देखकर दी जाती है फरलो 
राम रहीम को जो फरलो दी गई है उसमें उसका आचरण भी शामिल किया गया है। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर और प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है। उसमें सुनारिया जेल अधीक्षक की आचरण संबंधी रिपोर्ट भी शामिल की गई है। चूंकि राम रहीम की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है इसलिए रोहतक से लेकर गुरुग्राम प्रशासन तक ने एक -एक कागज जांचने के बाद फरलो की अनुमति दी है।

फरलो पर जाना एक आम कैदी का अधिकार: मनोहर लाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि सरकारी सिस्टम व कानूनी प्रक्रियाएं देश के संविधान के हिसाब से चलती हैं, जिसके तहत हर व्यक्ति के अधिकार संरक्षित किए गए हैं। किसी व्यक्ति को फरलो देना एक प्रकार से कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया है और फरलो पर जाना आम कैदी का अधिकार है। इसका चुनाव के संबंध में कोई मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। जो कैदी तीन साल की अवधि पूरा कर लेता है वो फरलो के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद सामान्य प्रशासन और जेल प्रशासन उसके आवेदन पर विचार कर अंतिम फैसला करते हैं। 

फरलो नियमों के तहत मिली, चुनावों से कोई संबंध नहीं: जेल मंत्री
हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत सिंह को नियमों के तहत ही फरलो मिली है। तीन सालों की सजा काटने के बाद कैदियों को फरलो मिल सकती है। यह एक साधारण सी प्रक्रिया है। जेल में बंद सभी कैदियों के लिए यही नियम लागू होता है। रोहतक की सुनारिया जेल में अगस्त 2017 से सजा काट रहे राम रहीम भी फरलो ले सकते हैं। 

उसी नियम को ध्यान में रखते हुए राम रहीम को फरलो दी गई है। पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों से राम रहीम की फरलो से क्या लेना देना है। फरलो का किसी भी प्रदेश की राजनीति से कोई संबंध नहीं है। अगर फरलो के समय में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी हैं तो ऐसे में प्रदेश सरकार क्या कर सकती है? फरलो के दौरान डेरा मुखिया राम रहीम गुरुग्राम के फार्म हाउस में हरियाणा पुलिस की सुरक्षा में रहेंगे हालांकि इस दौरान राम रहीम के सिरसा और बड़े समारोहों में जाने पर रोक लगाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed