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हरियाणाः 15 जिलों के 75 गांवों में लाल डोरा खत्म करने का खाका खींचा, चरणों में होगा काम
Sat, 15 Feb 2020 10:49 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 15 Feb 2020 10:49 AM IST
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मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार ने राज्य के लगभग 6800 गांवों में लाल डोरा खत्म करने का खाका खींच लिया है। चरणबद्ध तरीके से इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। पहले चरण में 15 जिलों के 75 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हर जिले के पांच-पांच गांव पहले चरण में शामिल किए जाएंगे। 75 गांवों के राजस्व रिकार्ड के मैनुअल मानचित्रों को डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा।
करनाल, जींद व सोनीपत शहरों में यह कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी करनाल जिले का सिरसी ही इकलौता गांव है, जिसमें लाल डोरा खत्म किया जा चुका है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लाल डोरा खत्म करने सहित परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के कार्ड बनाने के प्राप्त ऑनलाइन आवेदन इत्यादि योजनाओं की समीक्षा की।
इसमें प्रशासनिक सचिवों के साथ ही सभी मंडलायुक्तों, डीसी व नगर निगम आयुक्तों को भी बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य की समस्त सीमा की मैपिंग की जाए। प्रदेश की एक-एक ईंच भूमि की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। अधिकारी यह कार्य गर्व से करें और अंग्रेजों के जमाने के लाल डोरे के कानून को खत्म करने में अपना योगदान दें।
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लाखों अवैध निर्माण होंगे नियमित
हरियाणा में लाल डोरे के बाहर लोगों ने लाखों की संख्या में अवैध निर्माण किया हुआ है। लाल डोरे के बार निर्माण को सरकार नियमित नहीं मानती। न ही उन्हें नियमित निर्माण की तर्ज पर सुविधाएं मिलती हैं। लाल डोरा खत्म होने से लाखों अवैध निर्माण प्रदेश में नियमित हो सकेंगे। इसके साथ ही ढांचागत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। प्रॉपर्टी के रेट भी बढ़ेेंगे। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं अवैध कालोनियों में भी मिल सकेंगी।
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करनाल, जींद व सोनीपत शहरों में यह कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी करनाल जिले का सिरसी ही इकलौता गांव है, जिसमें लाल डोरा खत्म किया जा चुका है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लाल डोरा खत्म करने सहित परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के कार्ड बनाने के प्राप्त ऑनलाइन आवेदन इत्यादि योजनाओं की समीक्षा की।
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इसमें प्रशासनिक सचिवों के साथ ही सभी मंडलायुक्तों, डीसी व नगर निगम आयुक्तों को भी बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य की समस्त सीमा की मैपिंग की जाए। प्रदेश की एक-एक ईंच भूमि की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। अधिकारी यह कार्य गर्व से करें और अंग्रेजों के जमाने के लाल डोरे के कानून को खत्म करने में अपना योगदान दें।
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लाखों अवैध निर्माण होंगे नियमित
हरियाणा में लाल डोरे के बाहर लोगों ने लाखों की संख्या में अवैध निर्माण किया हुआ है। लाल डोरे के बार निर्माण को सरकार नियमित नहीं मानती। न ही उन्हें नियमित निर्माण की तर्ज पर सुविधाएं मिलती हैं। लाल डोरा खत्म होने से लाखों अवैध निर्माण प्रदेश में नियमित हो सकेंगे। इसके साथ ही ढांचागत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। प्रॉपर्टी के रेट भी बढ़ेेंगे। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं अवैध कालोनियों में भी मिल सकेंगी।