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फरमानः हरियाणा में हजारों फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट पर चला चाबुक, अब डिग्री धारक कर सकेंगे प्रैक्टिस

Mon, 09 Mar 2020 12:32 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 09 Mar 2020 12:32 PM IST
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Haryana Government Orders Regarding Physiotherapist Practice
प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा में हजारों फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट पर सरकार का चाबुक चल गया है। अब डिग्री धारक फिजियोथेरेपिस्ट ही प्रदेश में प्रैक्टिस कर सकेंगे। फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट की दुकान बंद करने के लिए सरकार ने हरियाणा राज्य भौतिक चिकित्सा परिषद बना दी है। अब पंजीकरण कराने वाले फिजियोथेरेपिस्ट ही अपनी दुकान चला सकेंगे। अभी तक प्रदेश में फिजियोथेरेपिस्ट के पंजीकरण के लिए कोई परिषद नहीं थी, न ही केंद्र सरकार के स्तर पर कोई अपेक्स निकाय है।
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इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपी हरियाणा ने सितंबर 2018 में सीएम मनोहर लाल से परिषद गठित करने की मांग की थी। उस समय सीएम ने एसोसिएशन को इसके गठन का आश्वासन दिया था। सीएम ने मार्च 2020 में अपना वादा पूरा कर दिया है। सरकार ने बीते बजट सत्र में हरियाणा राज्य भौतिक चिकित्सा परिषद विधेयक 2020 विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित करा लिया। अब फिजियोथेरेपिस्ट पर राज्य भौतिक चिकित्सा परिषद, अधिनियम 2020 लागू होगा।
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परिषद की गजट अधिसूचना जारी होते ही अधिनियम लागू जाएगा। जिससे फिजियोथेरेपी में गुणवत्ता आएगी। अभी प्रदेश में 10 से 15 हजार डिग्रीधारक फिजियोथेरेपिस्ट हैं, जबकि बिना डिग्री वाले फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट की संख्या इससे दो-तीन गुणा है। इन झोलाछाप पर शिकंजा कसने के लिए ही सरकार ने परिषद बनाई है। यह डिग्रीधारक फिजियोथेरेपिस्ट का पंजीकरण करेगी, साथ ही फिजियोथेरेपी का कोर्स कराने वाले प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता देगी।
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शिक्षा के मानकों को लागू करने के लिए समन्वय स्थापित करना इसका काम होगा। परिषद का मुख्यालय पंचकूला में होगा और यह चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधीन काम करेगी। सीएम मनोहर लाल का कहना है कि यह चिरलंबित मांग थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। इससे प्रदेश के लोग गुणवत्तापूर्ण फिजियोथेरेपी का लाभ उठा सकेंगे।

निदेशक चिकित्सा शिक्षा होंगे परिषद के अध्यक्ष

भौतिक चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान विभाग के निदेशक होंगे। फिजियोथेरेपिस्ट से संबंधित उपनिदेशक को उपाध्यक्ष नियुक्त जाएगा। सरकार से नामित सरकारी शिक्षण संस्थानों का एक भौतिक चिकित्सा विद, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी शिक्षण संस्थानों के तीन भौतिक चिकित्साविद, पंजीकृत व्यवसासियों में से दो व्यक्ति व सरकार से नामित एक व्यक्ति इसका सदस्य होगा। परिषद के रजिस्ट्रार इसके सदस्य सचिव होंगे।

कार्यकारी समिति भी बनेगी
फिजियोथेरेपिस्ट केपंजीकरण व संस्थानों को मान्यता देने के लिए कार्यकारी समिति भी बनाई जाएगी। परिषद के अध्यक्ष इसके सभापित होंगे। इसमें उपसभापति के तौर पर परिषद के उपाध्यक्ष, सदस्य सचिव व तीन अन्य सदस्य रहेंगे। यह समिति अपनी शक्तियों का प्रयोग कर फिजियोथेरेपी के उत्थान के लिए काम करेगी। साथ ही फर्जी फिजियोथेरेपी की दुकानें भी बंद कराएगी।  
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