हरियाणा में कोरोना से जंग: सभी जिलों में धारा-144 लगाने के आदेश, सख्ती के साथ पेट्रोलिंग भी बढ़ेगी
गृह मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी समिति और मुख्य सचिव की मौजूदगी में हुई राज्य समन्वय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश सरकार ने सभी अस्पतालों के ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन भंडारण क्षमता का ब्योरा मांगा है। साथ ही सख्ती के साथ पेट्रोलिंग बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।
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कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए हरियाणा में पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं। हरियाणा के सभी जिलों में अब धारा-144 लागू होगी, इसके तहत चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। गृह मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी समिति और मुख्य सचिव की मौजूदगी में हुई राज्य समन्वय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश सरकार ने सभी अस्पतालों के ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन भंडारण क्षमता का ब्योरा मांगा है। साथ ही सख्ती के साथ पेट्रोलिंग बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, ऑक्सीजन भंडारण क्षमता के साथ वेंटिलेटर सहित अन्य जरूरतों का खाका गुरुवार सुबह 10 बजे तक उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धारा-144 का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रदेश के प्रत्येक कोविड मरीज को बचाने का प्रयास करने के लिए हर आवश्यक इंतजाम करेंगे।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश जिस मरीज की कोविड के कारण मृत्यु हो जाती है उसका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत उसी दिन करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अतिरिक्त श्मशान भूमि का भी आवश्यकता अनुसार चयन किया जाए। डायल-112 की 20-20 गाड़ियां भी हर जिले में भेजी जा रही हैं, इनका जरूरत के अनुसार उपयोग करें।
सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे क्रिटिकल कोरोना केयर केंद्र
विज ने कहा कि डीसी एवं पुलिस अधीक्षक सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें। विज ने कहा कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल कोरोना केयर केंद्र बनाए जा रहे हैं। साथ ही इनमें चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल महाविद्यालयों में पढ़ रहे करीब 1400 पीजी और एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को तुरंत जिलों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय मेडिकल संघ से भी चिकित्सक भेजने की अपील की गई है।
जिला स्तर पर बनाएं निगरानी समिति
विज ने कहा कि सभी डीसी अपने जिलों में जिला स्तरीय कोविड निगरानी समिति का गठन करें, इसमें विभिन्न विभागों सहित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव को भी शामिल किए जाए। उन्होंने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों की प्रत्येक दूसरे दिन घर पर जाकर जांच कराने की व्यवस्था करें। उन्हें दवाइयां, आयुष किट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाएं। साथ ही मरीजों को नियमित परामर्श के लिए चिकित्सकों के नाम एवं फोन नंबर अखबारों में प्रकाशित करवाएं।
प्रोटोकॉल का सख्ती से हो पालन : मुख्य सचिव
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने कहा कि जिलों में उद्योगों को मेडिकल ऑक्सीजन लाइसेंस 24 घंटे में उपलब्ध करवाएंगे, इसके लिए उन्होंने शीघ्र आवेदन करवाने के लिए कहा। राज्य के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की संख्या 94 से बढ़ाकर 141 कर दी गई है। कोविड मरीजों को अस्पतालों में दाखिल करने और डिस्चार्ज करने के नियम भी जल्द जारी किए जाएंगे। वित्तायुक्त संजीव कौशल ने सभी डीसी से कोविड प्रबंधन की रिपोर्ट ली और आवश्यक बजट तत्काल जारी करने की बात कही।