फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government Mobile App Harpath Close Since Months due to Security Clearence

हरियाणाः आईटी विभाग से सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने पर मोबाइल ऐप 'हरपथ' तीन माह से बंद

Fri, 06 Dec 2019 12:05 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 06 Dec 2019 12:05 PM IST
विज्ञापन
Haryana Government Mobile App Harpath Close Since Months due to Security Clearence
फाइल फोटो
हरियाणा सरकार की मोबाइल ऐप 'हरपथ' बीते तीन महीने से बंद पड़ी है। प्रदेश की जनता इस पर सड़कों के गड्ढों सहित अन्य शिकायतें दर्ज नहीं कर पा रही। सरकार ने नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) से हरपथ ऐप के साफ्टवेयर का मालिकाना हक अपने अधीन ले लिया है।
विज्ञापन


मगर, आईटी महकमे से ऐप को हरियाणा सर्वर पर चलाने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। जिससे पूरी प्रक्रिया लटक गई है। ऐप को इसरो के विंग एनआरएससी ने 2017 में डिजाइन किया था। बाकायदा हरियाणा सरकार ने इसके लिए एमओयू साइन किया था। तब से लेकर अक्टूबर-2019 तक इसका मालिकाना हक एनआरएससी के पास ही था। जिसे सरकार ने अब प्राप्त कर लिया है।
विज्ञापन


आईटी से अनुमति न मिलने पर सरकार ने ऐप को प्ले स्टोर से भी हटवा दिया है। चूंकि, मालिकाना हक तो सरकार के पास आ चुका है, लेकिन लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सड़कें को अभी इस ऐप को हरियाणा सर्वर पर चलाने की सिक्योरिटी क्लीयरेंस आईटी विभाग से मिलनी बाकि है। इसलिए ऐप शुरू नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


25 नवंबर को लोक निर्माण विभाग की इस संबंध में बैठक भी हुई है। जिसमें समीक्षा के दौरान पाया गया कि ऐप चालू होने में अभी एक महीना और लगेगा। तब तक प्रदेश की जनता इसे प्रयोग नहीं कर पाएगी। आईटी विभाग से क्लीयरेंस के बाद ही ऐप दोबारा से प्ले स्टोर पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा।

गूगल पर पुराना ऐप मौजूद मगर दर्ज नहीं होगी शिकायत

हरपथ का पुराना ऐप प्ले स्टोर पर तो नहीं मगर गूगल पर मौजूद है, आप उसे डाउनलोड तो कर सकते हैं, लेकिन उस पर शिकायत दर्ज नहीं होगी। चूंकि, ऐप अभी किसी भी सर्वर पर नहीं चल रहा है। हरियाणा निवासी सुरेश नैन, अंशुल सिंगला, मनीता कौशिक व दीपक ने बताया कि वे लंबे समय से सड़कों संबंधी समस्याएं अपलोड करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ऐप काम नहीं कर रहा। जिससे सड़कों की मरम्मत पूर्व की भांति नहीं हो रही।

ऐप में बदलाव की भी थी जरूरत : अरोड़ा
लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सड़कें के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि हरपथ ऐप में समय के हिसाब से बदलाव की जरूरत थी। जिसे एनआईसी ने कर लिया है। ऐप का मालिकाना हक अब सरकार केपास आ चुका है। ऐप नए रंग-रूप में जल्दी जनता की सेवा में सरकार समर्पित करेगी।

ऐसे काम करता था हरपथ ऐप
हरपथ ऐप को एंड्रायड फोन पर प्ले स्टोर से आने वाले समय में दोबारा डाउनलोड कर सकेंगे। इसके साफ्टवेयर के दो कंपोनेंट हैं। जिसमें एक ऐप और दूसरा वेब पोर्टल है। ऐप पर लगभग दो साल तक लोगों ने पूरे प्रदेश से सड़क पर पड़े गड्ढों या उखड़ी खड़क की फोटो भेजीं, जो संबंधित इंजीनियर, अधिशासी इंजीनियर को सड़क के नाम सहित चली जाती थी। यही रिकार्ड अधीक्षण अभियंता, चीफ इंजीनियर, डीसी, सीएम कार्यालय, इंजीनियर व अधिशासी इंजीनियर को वेब पोर्टल पर भी जाता था। इंजीनियर शिकायत दर्ज होने के दस दिन के भीतर पैच वर्क कर उसकी फोटो अपलोड करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed