फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana government left the decision to impose Pro VC on universities

हरियाणा: सरकार ने विश्वविद्यालयों पर छोड़ा प्रो-वीसी लगाने का फैसला, कार्यकारी परिषद की बैठक में असहमति पर संभव नहीं नियुक्ति

Tue, 12 Oct 2021 01:24 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Tue, 12 Oct 2021 01:24 AM IST
सार

विवि में शिक्षक वर्ग सरकारी प्रशासनिक अधिकारियों की दखलअंदाजी नहीं चाहते हैं। स्वायत संस्थान होने के कारण विवि के हाथ में बहुत से निर्णय अपने स्तर पर लेने के अधिकार हैं। सरकार का दखल रहता है, लेकिन प्रत्यक्ष तौर पर बिल्कुल भी नहीं।

विज्ञापन
Haryana government left the decision to impose Pro VC on universities
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

हरियाणा सरकार ने वीसी के अलावा प्रो-वीसी की नियुक्तियों का फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ दिया है। विवि की कार्यकारी परिषद की बैठक में अगर सहमति बनती है तो प्रो-वीसी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। असहमति की स्थिति में नियुक्ति संभव नहीं है।
विज्ञापन



उच्च शिक्षा विभाग ने प्रो-वीसी लगाने संबंधी प्रस्ताव 22 विवि के वीसी को भेज दिया है। वीसी कार्यकारी परिषद की अगली बैठक में इसे सलाह-मशविरा और मंजूरी के लिए पेश करेंगे। परिषद की असहमति की स्थिति में नियुक्तियां संभव नहीं होंगी। विभाग के प्रस्ताव को पारित कराने में वक्त लग सकता है। सरकार के प्रस्ताव को सिरे चढ़ाने के लिए वीसी इसे परिषद के एजेंडा में शामिल करने से पहले सदस्यों में आम सहमति बना सकते हैं ताकि बैठक में कोई विरोध न हो। हालांकि, फिर भी परिषद की बैठक में शिक्षक वर्ग के प्रतिनिधियों के इस पर सवाल उठाने की संभावना बनी रहेगी।
विज्ञापन



यह भी पढ़ें: सोनीपत में बड़ी वारदात: हसनपुर में युवक की पीट पीटकर हत्या, शव गांव के खेल मैदान में फेंका
विज्ञापन
विज्ञापन



विवि में शिक्षक वर्ग सरकारी प्रशासनिक अधिकारियों की दखलअंदाजी नहीं चाहते हैं। स्वायत संस्थान होने के कारण विवि के हाथ में बहुत से निर्णय अपने स्तर पर लेने के अधिकार हैं। सरकार का दखल रहता है, लेकिन प्रत्यक्ष तौर पर बिल्कुल भी नहीं। वरिष्ठ आईएएस को प्रो-वीसी नियुक्त करने का विश्वविद्यालयों के शिक्षक संगठनों ने अंदरखाने अभी से विरोध शुरू कर दिया है। सरकार को इसमें उनमें नाराजगी का आभास पहले से था, इसलिए कुछ जगह आठ साल का प्रोफेसर पद का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ शिक्षकों को भी नियुक्त करने का प्रावधान प्रस्ताव में किया गया है। 


सरकार वीसी से शैक्षणिक और प्रो-वीसी से प्रशासनिक कार्य लेने के पक्ष में है। प्रशासनिक निर्णय लेने का जिम्मा भी प्रो-वीसी पर रहेगा, जिससे विवि स्तर पर होने वाले शिक्षक और छात्र संगठनों के आंदोलन पर लगाम कसी जा सकेगी। उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि अभी विश्वविद्यालयों को प्रस्ताव भेजा है। सरकार प्रो-वीसी लगाना चाहती है, लेकिन इसका फैसला विवि की कार्यकारी परिषद करेगी। यह लंबी प्रक्रिया है। नियुक्तियां होंगी या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed