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Haryana: 2024 चुनाव से पहले हाईकोर्ट में लंबित भर्तियों को सिरे चढ़ाने में जुटी सरकार, सीएम ने संभाला मोर्चा

Thu, 23 Nov 2023 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 23 Nov 2023 02:30 PM IST
सार

हरियाणा में रोजगार बड़ा मुद्दा है। बेरोजगारी को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। प्रदेश में ग्रुप ए और बी श्रेणी का जिम्मा हरियाणा लोक सेवा आयोग और ग्रुप सी और डी के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास है। दोनों आयोगों की कई भर्तियां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित हैं।

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Haryana government intensified preparations to complete recruitments stuck in High Court before 2024 election
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : ANI

विस्तार

2024 में होने वाले चुनावों से पहले हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में अटकीं भर्तियों को सिरे चढ़ाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। भर्तियों को पूरा कराने का मोर्चा खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संभाला है। 

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मुख्यमंत्री ने एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन, एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा, एचएसएससी के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी समेत अधिकारियों की बैठक लेकर कड़े निर्देश दिए हैं कि हर हाल में लंबित भर्तियों को पूरा कराने के लिए ताकत लगा दें। अदालत में मजबूती के साथ सरकार का पक्ष रखें और जिन भर्तियों पर स्टे है, उनमें भर्ती के लिए हाईकोर्ट से मार्गदर्शन मांगें।
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रोजगार के मुद्दे पर घिरती रही है सरकार
हरियाणा में रोजगार बड़ा मुद्दा है। बेरोजगारी को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। प्रदेश में ग्रुप ए और बी श्रेणी का जिम्मा हरियाणा लोक सेवा आयोग और ग्रुप सी और डी के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास है। दोनों आयोगों की कई भर्तियां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित हैं। इसके चलते हजारों कर्मचारियों की भर्ती अटकी हुई हैं। 

सबसे बड़ी भर्ती कर्मचारी चयन आयोग की ग्रुप सी की 32 हजार पदों की है, जबकि ग्रुप डी परीक्षा में प्रश्नों को दोहराने का मामला भी चला हुआ है। क्योंकि अब चुनाव आने वाले हैं, इससे पहले हरियाणा सरकार की मंशा है कि हर हाल में 65 हजार और भर्तियां की जाएं, ताकि लोगों के बीच मेरिट और बिना खर्ची पर्ची को मुद्दा बनाया जा सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ और कड़े संकेत दिए हैं कि इन मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, सीएम के निर्देश मिलने के बाद एडवोकेट बलदेव राज महाजन समेत उनकी पूरी टीम लंबित भर्तियों की सूची बनाने में जुट गई है।

नौ साल में 1.14 लाख युवाओं को दी गई नौकरी
भाजपा सरकार के नौ साल के कार्यकाल में 2014 से 2023 के बीच 1 लाख 14 हजार 210 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। वर्ष 1999 से 2005 के बीच ओमप्रकाश चौटाला सीएम थे, जिनकी सरकार ने 15 हजार 125 भर्तियां कीं। साल 2005 से 2014 तक 10 साल के लिए भूपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री के रूप में हरियाणा की बागडोर संभाली। इस अवधि में 86 हजार 67 सरकारी भर्तियां हुईं। मनोहर सरकार चुनाव से पहले अब 65 हजार और पद भरने की कोशिश में है।

आयोग में रखे जाएंगे कानूनी विशेषज्ञ
बैठक के दौरान सामने आया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास कानूनी विशेषज्ञों की कमी है, जबकि आयोग के कुल चार हजार मामले हाईकोर्ट में चल रहे हैं। इसलिए आयोग की लीगल टीम बेहतरी से काम नहीं कर पाती है। इसी के चलते भर्तियां लंबे समय तक अटकती हैं। मुख्यमंत्री ने एचएसएससी में 10 कानूनी अफसर और 10 कानूनी सहायक लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भर्तियों को लेकर पूरी तैयारी हो सके।

एक साल से अटकी है ग्रुप सी की भर्ती
हरियाणा में ग्रुप सी की सीईटी परीक्षा 5 व 6 नवंबर 2022 को हुई थी। इसके बाद आयोग ने परिणाम जारी किया और पदों के मुकाबले केवल चार गुणा अभ्यर्थियों को बुलाने का फैसला लिया। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। उनकी मांग है कि 10 गुणा अभ्यर्थी बुलाए जाएं। अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।


ग्रुप डी का नहीं आया परिणाम
ग्रुप डी के 13536 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और आयोग परीक्षा ले चुका है, लेकिन अभी परिणाम शेष है। एनटीए की ओर से संभावना है कि 15 दिसंबर तक इसका परिणाम जारी हो सकता है। हालांकि, ग्रुप डी की परीक्षा में पूछे गए सवालों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं।

शर्तें बदलने से अटकीं कई भर्तियां
इसी प्रकार, हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 50 प्रतिशत अंकों के चलते एडीओ, वेटनरी सर्जन, पीजीटी अध्यापकों की भर्ती अटकी हुई है। आयोग द्वारा बार-बार शर्तें बदलने के चलते अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

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