Haryana: पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियां बढ़ीं, दो लाख तक के विकास कार्यों की स्वीकृति पंच-सरपंच के हाथ
25 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति एक्सईएन देगा। एक करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति अधीक्षण अभियंता तथा 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य की तकनीकी स्वीकृति चीफ इंजीनियर देगा।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियां बढ़ा दी हैं। अब पंच-सरपंच को गांव में विकास कार्यों के लिए अधिकारियों और शासन के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। अब पंचायती राज संस्थाओं की अपनी आय में से दो लाख रुपये तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति चुने हुए जन प्रतिनिधियों द्वारा उनके स्तर पर दी जा सकेगी। सरपंच, पंचायत समिति तथा जिला परिषद के चेयरमैन यह स्वीकृति प्रदान करेंगे।
दो लाख रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति जूनियर इंजीनियर देगा और इन कार्यों के लिए किसी प्रकार का कोई टेंडर नहीं होगा। सोमवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों के सामने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की। इस दौरान अतिरिक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो लाख से 25 लाख रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति एसडीओ देगा। इन कार्यों के लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल के माध्यम से अल्पावधि के टेंडर जारी किए जाएंगे।
25 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति एक्सईएन देगा। एक करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की तकनीकि स्वीकृति अधीक्षण अभियंता तथा 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य की तकनीकी स्वीकृति चीफ इंजीनियर देगा।
10 करोड़ से अधिक के कार्यों की स्वीकृति सीएम देंगे
एक करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रशासनिक सचिव तथा तकनीकि स्वीकृति अधीक्षक अभियंता देगा। 2.5 से 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति संबंधित मंत्री तथा तकनीकि स्वीकृति चीफ इंजीनियर देगा। दस करोड़ रुपये से अधिक के कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर पर होगी तथा तकनीकि स्वीकृति चीफ इंजीनियर देगा।
एफडी के लिए डीसी की जिम्मेदारी
ग्राम पंचायतों की फिक्स डिपॉजिट भी होती है। गांवों में विकास कार्यों के लिए यदि धन की आवश्यकता होती है तो इस डिपॉजिट में से एक साल में 50 लाख रुपये तक या कुल डिपॉजिट की 10 प्रतिशत राशि, जो भी अधिक हो, जिला उपायुक्त जारी कर सकता है। इससे अधिक राशि के लिए जिला उपायुक्त राज्य सरकार से अनुमति लेंगे।
राशि कम पड़ी तो भी प्रावधान
विकास कार्यों के लिए यदि राशि कम पड़ती है और पंचायती राज संस्थाओं की मांग पर राज्य सरकार अतिरिक्त बजट प्रदान करती है तो 25 लाख रुपये से कम काम के लिए राशि सीधे उन्हें दे दी जाएगी। 25 लाख रुपये से ज्यादा के काम ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किए जाएंगे। इसके लिए 25 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति विभाग के निदेशक द्वारा दी जाएगी और इस कार्य की तकनीकि स्वीकृति एक्सईएन देगा।