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चंडीगढ़: हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार की दलील- राम रहीम को तय प्रक्रिया के तहत दी फरलो, अब बुधवार को होगी सुनवाई
Mon, 21 Feb 2022 09:54 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Feb 2022 09:54 AM IST
सार
पंजाब के समाना से निर्दलीय उम्मीदवार परमजीत सिंह सोहाली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। याची ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई है।
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गुरमीत राम रहीम को फरलो के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साध्वी यौन शोषण और हत्या के मामले में सजा काट रहे राम रहीम को फरलो के मामले में हरियाणा सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में पूरा रिकॉर्ड सौंप दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि फरलो का निर्णय तय प्रक्रिया के तहत लिया गया है। सोमवार को हाईकोर्ट का समय पूरा होने के चलते सुनवाई अब बुधवार को निर्धारित की गई है।
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पंजाब के समाना से निर्दलीय उम्मीदवार परमजीत सिंह सोहाली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। याची ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई है। याची ने कहा कि राम रहीम का पंजाब की कई सीटों पर गहरा प्रभाव है और ऐसे में उसकी फरलो से पंजाब में शांति भंग हो सकती है।
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याची ने कहा कि राम रहीम की फरलो से चुनाव की निष्पक्षता भी प्रभावित होगी। राम रहीम को जब सजा सुनाई गई थी तब भी पंचकूला में भारी हिंसा हुई थी। ऐसे में हरियाणा सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। दुष्कर्म व हत्या जैसे संगीन मामले में दोषी होने के चलते हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स अधिनियम के तहत उसे फरलो का अधिकार नहीं है।
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सुनवाई के दौरान हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने हाईकोर्ट को बताया कि राम रहीम ने फरलो के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन पर रोहतक मंडल के आयुक्त ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए शर्तों के साथ गुड कंडक्ट प्रिजनर्स के प्रावधान के अनुरूप फरलो पर 21 दिन के लिए अस्थायी रिहाई दी गई है। इस दौरान यदि राम रहीम शर्तों का पालन नहीं करता है तो उस स्थिति में उसकी फरलो रद्द की सकती है।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। साथ ही हरियाणा सरकार को आदेश दिया था कि सोमवार को वह दस्तावेज सौंपे जाएं, जिनको आधार बनाकर राम रहीम को फरलो दी गई थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान एडवोकेट जरनल ने फरलो से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सौंपते हुए बताया कि तय प्रक्रिया के तहत ही राम रहीम को फरलो दी गई है। कोर्ट का समय पूरा हो जाने के कारण अब सुनवाई बुधवार को तय की गई है।