हरियाणा: सरकार को डीएपी खाद की कालाबाजारी की आशंका, राज्य की सीमाओं पर बढ़ाई निगरानी, डीलर ब्लैक करते पाए तो रद्द होगा लाइसेंस
खाद की किल्लत की आशंका के चलते किसान दौड़ धूप कर रहे हैं। रबी के सीजन में डीएपी की खपत करीब 3 लाख मीट्रिक टन होती है, जबकि मौजूदा समय में सरकार के पास 40 हजार मीट्रिक टन खाद है। इसी के चलते सहकारी समितियों पर किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा है।
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हरियाणा में इस समय धान की कटाई के बाद आलू और सरसों बोने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए किसानों में डीएपी खाद लेने के लिए होड़ लगी हुई है। कई जिलों में तो पुलिस की मौजूदगी में खाद वितरण हो रहा है। खाद की किल्लत की आशंका के चलते किसान दौड़ धूप कर रहे हैं। रबी के सीजन में डीएपी की खपत करीब 3 लाख मीट्रिक टन होती है, जबकि मौजूदा समय में सरकार के पास 40 हजार मीट्रिक टन खाद है। इसी के चलते सहकारी समितियों पर किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा है। खासकर दक्षिण हरियाणा के जिलों समेत हिसार, भिवानी और सिरसा जिलों में किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। अभी गेहूं बिजाई का सीजन आना शेष है।
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मेरी केंद्रीय मंत्री से हो चुकी मुलाकात, नहीं रहेगी खाद की कमी : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रबी की फसल के दौरान प्रदेश में किसानों को खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। इस संबंध में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री से उनकी मुलाकात हो चुकी है। शीघ्र ही हरियाणा को खाद की सप्लाई मिल जाएगी।
प्रदेश में किसी खाद की कमी नहीं है। षड्यंत्र के तहत कुछ लोग कमी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। रोजाना खाद की मालगाड़ी आ रही हैं और पैक्स समितियों पर खाद पहुंचाया जा रहा है। आशंका है कि कुछ लोग पंजाब और राजस्थान में खाद को महंगे दामों पर बेच सकते हैं। इसको रोकने के लिए सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। खाद की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- जेपी दलाल, कृषि मंत्री, हरियाणा।