आचार संहिता से पहले कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है हरियाणा सरकार, वित्तमंत्री ने दिए संकेत
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों के लिए कुछ न कुछ बेहतर ही करेगी। वित्तमंत्री ने संकेत देते हुए कहा कि आचार संहिता से पहले कर्मचारियों के लिए कुछ भी घोषणाएं करना हमारा हक और अपने इस अधिकार का सरकार कर्मचारियों हित में पूरा इस्तेमाल करेगी।
कर्मचारी लंबे समय से एचआरए को लेकर सरकारी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, उनकी यह मांग कब पूरी होगी, पत्रकार वार्ता में इस सवाल पर वित्तमंत्री ने कहा कि एचआरए का मुद्दा विचाराधीन है, इस पर अभी सरकार विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा अपने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान और इससे संबंधित अन्य सुविधाएं देने वाला अग्रणीय राज्य है, इसलिए आगे भी कर्मचारियों की कोई नाराजगी नहीं रहने दी जाएगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष पूरी तरह से साफ है, इसलिए सरकार पक्का वापस लौट रही है। उन्होंने इनेलो और कांग्रेस पर निशाना साधे हुए कहा कि जो अपना परिवार और दल ही नहीं संभाल पा रहे हैं, उनके हाथों में हरियाणा को कैसे सौंप दिया जाए।
कोई सपना बुन रहा, तो कोई ‘सपना’ के पीछे पड़ा
कैप्टन ने कहा कि विपक्ष को सत्ता प्राप्ति का ख्याली पुलाव बनाने दिया जाए, क्योंकि मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने का हक सभी को है। उन्होंने कहा कि यहां तो प्रदेश हित की बात करना तो दूर कोई सत्ता वापसी के सपने बुन रहा है तो कोई ‘सपना’ के पीछे पड़ा है।
मंत्री ने कहा कि सपना चौधरी एक पॉपुलर कलाकर है और उनका अपना फैंस क्लब है। हर कलाकार की इज्जत करनी चाहिए, मगर जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं, उन्हे न तो कलाकार की और न ही महिलाओं की इज्जत करनी आती है।
चंडीगढ़ पर हरियाणा का भी हक
चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को लेकर चल रहे विवाद पर कैप्टन ने कहा कि चंडीगढ़ पर हरियाणा का पूरा हक है। ऐसी बाते करने वाले बिना वजह इस मामले को तूल दे रहे हैं। हम तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में ही हरियाणा की अलग हाईकोर्ट की मांग करते हुए इसका प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसवाईएल व चंडीगढ़ के मामले में हरियाणा के अधिकारों की हम अनदेखी कतई नहीं होने देंगे।