हरियाणा सरकार ने फिर बदली खेल नीति, खिलाड़ियों को मिलेगा ऐसे लाभ, नौकरी से जुड़ा है बदलाव
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हरियाणा सरकार की खेल नीति में एक बार फिर से बदलाव किया गया है। इस बदलाव के साथ जहां अन्य जातियों के उन खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिलेगा, जो नौकरियों के लिए इंतजार कर रहे थे। अब होरिजेंटल आरक्षण के तहत खिलाड़ियों के रिक्त पड़े पदों पर कोटे को दरकिनार कर दूसरी जातियों के खिलाड़ियों को भी नौकरी दी जाएगी ताकि बैकलॉग पूरा किया जा सके।
लंबे समय से यह पद इसी वजह से रिक्त चल रहे थे। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। अभी प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी पदों पर खिलाड़ियों को दस फीसदी तक होरिजेंटल आरक्षण का प्रावधान है जिसमें पांच फीसदी नौकरियां सामान्य वर्ग, दो फीसदी अनुसूचित जाति और तीन फीसदी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है।
ग्रुप ए, बी और सी कैटगिरी की भर्तियों में राष्ट्रीय स्तरीय खिलाड़ियों को तीन फीसदी होरिजेंटल आरक्षण दिया जाता है। जिनमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य जाति के खिलाड़ियों के लिए एक-एक फीसदी आरक्षण शामिल है।
खिलाड़ियों को कोटे के बावजूद आरक्षित श्रेणी में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। अब मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि इन पदों पर आवेदक नहीं होने की स्थिति में दूसरे वर्ग के खिलाड़ियों को भर्ती कर लिया जाए।
कोटे के तहत आवेदन करने वाले खिलाड़ी के लिए हरियाणा की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खेलना अनिवार्य है। सभी श्रेणी की नौकरियों में खिलाड़ी की योग्यता अलग-अलग रखी गई है। अगर कोई आवेदक दिव्यांग और खिलाड़ी दोनों कोटे में जगह बनाने में कामयाब रहता है तो उसे दिव्यांग कोटे में ही एडजस्ट किया जाएगा।