{"_id":"67462cc8c83baac812041fc8","slug":"haryana-gets-rs-3600-crore-for-clean-air-chandigarh-news-c-16-pkl1010-571675-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: स्वच्छ वायु के लिए हरियाणा को मिले 36 सौ करोड़, छह साल चलेगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: स्वच्छ वायु के लिए हरियाणा को मिले 36 सौ करोड़, छह साल चलेगा अभियान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। वायु प्रदूषण को खत्म करने की दिशा में हरियाणा सरकार अगले छह साल कई बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने मंगलवार को हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना (एचसीएपीएसडी) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इसके लिए विश्व बैंक की ओर से वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। पहले चरण में 3600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि और घरेलू क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित हस्तक्षेपों को लागू करने के लिए प्रदेश भर में प्राथमिकता वाले समूहों की पहचान की जाएगी।
परियोजना को लागू करने के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सतत विकास के लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना एक स्थायी भविष्य बनाने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने और अन्य राज्यों के लिए एक मानदंड स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहनशरण ने बैठक में बताया कि परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के दौरान प्रत्येक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। कृषि और किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि सरकार ने अगले साल तक शून्य पराली जलाने का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन
यह उठाए जाएंगे कदम
- मशीन के माध्यम से सड़कों की सफाई, कच्ची सड़क को पक्का करना।
- निर्माण और विध्वंस कचरे के प्रबंधन के लिए योजना संग्रह प्रणालियों को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
- हरित क्षेत्र को बढ़ाकर सड़क की धूल को कम करना
- इलेक्ट्रिक बस व ऑटो को बढ़ावा देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना।
- ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से पुराने वाहनों को हटाना।
- बॉयलर को अपग्रेड कर पीएनजी और सीएनजी जैसे स्वच्छ ईंधन में परिवर्तन करना।
- ईंट बनाने के लिए टनल क्लीन व टैक्सटाइल्स क्लस्टर की दिशा में बढ़ना
- खाना पकाने की स्वच्छ प्रथाओं के लिए जागरूकता अभियान
विज्ञापन
परियोजना को लागू करने के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सतत विकास के लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना एक स्थायी भविष्य बनाने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने और अन्य राज्यों के लिए एक मानदंड स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहनशरण ने बैठक में बताया कि परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के दौरान प्रत्येक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। कृषि और किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि सरकार ने अगले साल तक शून्य पराली जलाने का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन
यह उठाए जाएंगे कदम
- मशीन के माध्यम से सड़कों की सफाई, कच्ची सड़क को पक्का करना।
- निर्माण और विध्वंस कचरे के प्रबंधन के लिए योजना संग्रह प्रणालियों को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
- हरित क्षेत्र को बढ़ाकर सड़क की धूल को कम करना
- इलेक्ट्रिक बस व ऑटो को बढ़ावा देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना।
- ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से पुराने वाहनों को हटाना।
- बॉयलर को अपग्रेड कर पीएनजी और सीएनजी जैसे स्वच्छ ईंधन में परिवर्तन करना।
- ईंट बनाने के लिए टनल क्लीन व टैक्सटाइल्स क्लस्टर की दिशा में बढ़ना
- खाना पकाने की स्वच्छ प्रथाओं के लिए जागरूकता अभियान